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लविविः इंटर्नशिप से विद्यार्थियों की बढ़ाएंगे स्किल, कर्मयोगी की तर्ज पर कर्मोदय योजना की शुरुआत

Mon, 28 Feb 2022 07:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ 

सार

विद्यार्थी पढ़ाई के साथ प्रतिदिन दो घंटे और एक सेमेस्टर में अधिकतम 50 घंटे विभाग, लैब, कार्यालय आदि में इंटर्नशिप करेंगे और विवि प्रशासन उन्हें सर्टिफिकेट देगा। इस योजना में विद्यार्थियों को कोई इंसेंटिव नहीं दिया जाएगा।
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लखनऊ विश्वविद्यालय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत विद्यार्थियों को स्किलड बनाने के लिए कई कवायद कर रहा है। इसी क्रम में विवि की ओर से अब कर्मोदय योजना की शुरुआत की जा रही है।

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जिसमें विद्यार्थी पढ़ाई के साथ प्रतिदिन दो घंटे और एक सेमेस्टर में अधिकतम 50 घंटे विभाग, लैब, कार्यालय आदि में इंटर्नशिप करेंगे और विवि प्रशासन उन्हें सर्टिफिकेट देगा। इस योजना में विद्यार्थियों को कोई इंसेंटिव नहीं दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पूर्व में कर्मयोगी योजना की शुरुआत की गई थी। इसमें भी विद्यार्थी प्रति दिन दो घंटे किसी विभाग, कार्यालय आदि में काम करते थे और 150 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से 300 रुपये प्रतिदिन का इंसेंटिव दिया जाता था। जो अधिकतम 50 दिन में 15 हजार है। पहले चरण में 70 से अधिक विद्यार्थियाें को इसमें काम भी दिया गया। किंतु इसमें वही विद्यार्थी आवेदन कर सकते थे, जिनकी आय तीन लाख रुपये सालाना से कम हो और उन्हें कोई और छात्रवृत्ति न मिलती हो। इसके चलते कई विद्यार्थी इससे वंचित रह गए। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि कर्मयोगी में कई विद्यार्थियों का चयन नहीं हो पाया, जबकि वे इंटर्नशिप के इच्छुक हैं, मेरिटोरियस भी हैं। साथ ही हमारे विभागों की जरूरत भी है। इसे देखते हुए हमने कर्मोदय की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। इससे विद्यार्थियों को काम करने का अनुभव मिलेगा। वे प्रति दिन दो घंटे, एक सेमेस्टर में 50 दिन अधिकतम काम कर सकेंगे। इसके आधार पर उनको अनुभव प्रमाण पत्र दिया जा सकेगा।
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प्रो. राय ने बताया कि कर्मोदय का मूल उद्देश्य एक ऐसा वातावरण तैयार करना है जो कार्यों में सक्रिय भागीदारी के माध्यम से सीखकर छात्रों की क्षमताओं को विकसित करें। यह एक अवैतनिक योजना है, जिससे छात्रों की स्किल विकसित की जा सके। विश्वविद्यालय छात्रों को वास्तविक कार्यस्थलों का अनुभव कराने, उनके ज्ञान व कौशल में गुणात्मक वृद्धि करने के लिए कैंपस में इन हाउस इंटर्नशिप को प्रोत्साहित कर रहा है। इससे छात्रों को सकारात्मक और सार्थक कार्यों में लगाकर उनकी युवा ऊर्जा को एक दिशा देने में भी सहयोग मिलेगा।

जल्द शुरू होंगे आवेदन
डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. पूनम टंडन ने बताया कि एनईपी में स्किल डेवलपमेंट पर काफी जोर है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी सिर्फ किताबी ज्ञान तक न सीमित रहें बल्कि उनको प्रैक्टिकल अनुभव भी दे सकें। अभी विद्यार्थियों की परीक्षा चल रही है, इस दौरान उनके आवेदन लेंगे। प्रक्रिया पूरी कर परीक्षा के बाद इंटर्नशिप शुरू करा देंगे। ताकि सेमेस्टर पूरा होने के साथ उनके हाथ में डिग्री के साथ अनुभव प्रमाण पत्र भी होगा। योजना में विवि के सभी छात्र आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत परिवार की आय के आधार पर, या किसी अन्य छात्रवृत्ति मिलने पर भी कोई दिक्कत नहीं होगी।

अधिकतम एक सेमेस्टर की होगी
प्रो. टंडन ने बताया कि इंटर्नशिप अधिकतम एक सेमेस्टर के लिए होगी। विवि में स्नातक या परास्नातक पाठ्यक्रमों के अंतिम या पूर्व अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते हैं। विवि के नियमित या स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए पिछली परीक्षा में न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण होना और पिछले शैक्षणिक सेमेस्टर या वर्ष में कम से कम 75 फीसदी उपस्थिति रहना अनिवार्य है।

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