भाजपा ने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को घेरने
के लिए पश्चिम में जाट फैक्टर पर काम शुरू कर दिया है।
कोशिश है कि अजित को
उनके लोकसभा क्षेत्र बागपत में ही घेर लिया जाए। इसके लिए मुंबई के पुलिस
आयुक्त पद से इस्तीफा देने वाले डॉ. सत्यपाल सिंह को चुनाव मैदान में
उतारने की रणनीति है।
डॉ. सत्यपाल ने भी खाकी उतारकर खादी पहनने की घोषणा
कर दी है। वे बागपत के हैं। जानकारी के
मुताबिक, डॉ. सत्यपाल जल्द ही भाजपा में शामिल हो जाएंगे।
भाजपा के एक
प्रमुख नेता ने बताया कि इन्हें बागपत से उतारा जा सकता है। हालांकि डॉ.
सत्यपाल के नजदीकी लोगों का कहना है कि वे बागपत के बजाय मुजफ्फरनगर या
मेरठ से राजनीति की पारी शुरू करना चाहते हैं।
बागपत
के बासौली गांव के रहने वाले डॉ. सत्यपाल विचारधारा के स्तर पर भगवा खेमे
के लिए ही नहीं, बल्कि भाजपा के लिहाज से भी जातीय समीकरणों के खांचों में
फिट बैठते हैं। नागपुर में तैनाती के दौरान संघ परिवार से उनके नजदीकी
रिश्ते बने।
उस समय वे संघ परिवार के और नजदीक आ गए जब उन्होंने इशरत जहां
एनकाउंटर मामले में एसआईटी चीफ बनने के बाद यह तर्क देते हुए जांच से
इन्कार कर दिया था कि वे गुजराती नहीं जानते। जाट समीकरणों पर नजर डालें तो
डॉ. सत्यपाल का गोत्र तोमर है।