अयोध्या में अनहोनी की आशंका के चलते राज्य सरकार ने विहिप पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी के मद्देनजर यूपी पुलिस ने बुधवार को अयोध्या और फैजाबाद में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
खबर आ रही है कि आश्रमों, धर्मशालाओं और विहिप के ठिकानों पर दबिश डालने के बाद पुलिस ने विश्व हिंदू परिषद के 42 नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है।
अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए बल्क मैसेजिंग पर रोक लगा दी गई है। साथ ही अयोध्या में कार से प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कार एवं भरी वाहरों के साथ प्रवेश के लिए प्रशासन से मंजूरी लेनी होगी।
इसके अलावा, गुरुवार दोपहर तक 60 विहिप समर्थकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। इतना ही नहीं, अयोध्या को 6 जोन में बांट दिया गया है।
दिन भर पूरे प्रदेश में गिरफ्तारियों का दौर चलता रहा। इसमें भाजपा युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी समेत कई दर्जन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। ज्यादातर लोग संकल्प सभा के लिए अयोध्या जाने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस हर तरफ फैल चुकी है और सघन चेकिंग के बाद ही किसी को वहां एंट्री मिल रही है।
खबर यह भी मिल रही है कि राज्य सरकार ने पुलिस के आला अफसरों से इस बार कोई भी चूक न करने का हुक्म दिया है। सूत्रों के मुताबिक अयोध्या को किला बनाने की पूरी तैयारियां कर ली गई हैं।
यह भी जानकारी मिली है कि बृहस्पतिवार से फैजाबाद की सीमाओं को सील कर दिया जाएगा।
दरअसल, बुधवार सुबह एक खुफिया रिपोर्ट ने राज्य सरकार को सचेत रहने की चेतावनी दी और बताया था कि 18 अक्तूबर को फैजाबाद और अयोध्या में होने वाली विहिप की संकल्प सभाओं में सब कुछ ठीक रहने के संकेत नहीं हैं।
रिपोर्ट में कहा गया था कि राज्य सरकार ने भले ही संकल्प सभाओं पर रोक लगाते हुए अयोध्या के आसपास भारी फोर्स तैनात कर दी है, लेकिन खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य सरकार की तैयारियां दुरुस्त नहीं हैं।
खुफिया रिपोर्ट की मानें तो 18 अक्तूबर को फैजाबाद और अयोध्या में भारी जमावड़ा लग सकता है। यह भी खबर आ रही है कि फैजाबाद और आस-पास के इलाकों में विहिप और उसके संगठन चोरी छिपे पर्चे भी बांट रहे हैं।
खुफिया रिपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि इस मौके पर भारी हलचल हो सकती है और कुछ अनहोनी भी हो सकती है।
लगातार जारी है द्वंद्वयुद्ध
पिछले करीब दो महीने से लगातार विहिप और राज्य सरकार के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। पहले 84 कोसी परिक्रमा पर जमकर बवाल हुआ। उसके बाद पंच कोसी पर रार हुई और अब पिछले करीब एक हफ्ते से विहिप की संकल्प सभा पर संग्राम होने की आंशका जताई जा रही है।
बजरंग दल ने भी संकल्प सभाओं को किसी भी सूरत में कराने का एलान करके सरकार को बड़ी चुनौती दे दी है। इसके पहले भी लगातार आशंका जताई जाती रही है कि अक्तूबर में हिंदू संगठन किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं।
इधर, राम मंदिर निर्माण की बात का एक बार फिर उठना और भाजपा का हिंदू मुद्दे की तरफ लौटने के संकेत भी कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं।
(ऊपर दी गई फोटो 84 कोसी यात्रा के दौरान की है।)