एकीकृत सूचना तंत्र और इसे साझा करने की समान व्यवस्था न होने से कई बार खुफिया एजेंसियों के सामने दिक्कत पैदा हो जाती है। राज्य में ऐसी व्यवस्था नहीं है जिसमें कोई विशेष इनपुट आने पर सभी खुफिया एजेंसियां समान तंत्र पर काम करें।
कभी गृह विभाग को इनपुट मिलता है तो कभी डीजीपी या एडीजी कानून-व्यवस्था को। कई बार ऐसे इनपुट एटीएस या स्टेट इंटेलीजेंस के पास सीधे पहुंचते हैं। ऐसे में राज्य की दोनों खुफिया एजेंसियां अपने-अपने स्तर से एडीजी कानून-व्यवस्था से इसे साझा करती हैं। वहां से आगे निर्देश जारी होते हैं।
एडीजी एटीएस डीके ठाकुर का कहना है कि दिल्ली में जैश आतंकियों के छिपे होने के इनपुट को एटीएस से साझा नहीं किया गया है। एटीएस अपने स्तर से चौकस है और सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठा रही है।