कांग्रेस के विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने अदिति सिंह को विधानसभा के विशेष सत्र में शामिल होने पर कारण बताओ नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी ने सदन के बहिष्कार का निर्णय लिया था कि कोई भी सदस्य सदन की कार्यवाही में हिस्सा न ले। इसके लिए व्हिप भी जारी किया गया था। नोटिस में उनके सत्र में भाग लेने को व्हिप का उल्लंघन बताया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में राजनीतिशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष और विधायी मामलों के विशेषज्ञ एसके द्विवेदी कहते हैं कि यह मामला व्हिप का नहीं बनता। कोई भी पार्टी अपने सदस्यों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर सकती है।
सदन के अंदर किसी मुद्दे विशेष पर रुख जाहिर करने या किसी एक पक्ष में वोटिंग के लिए भी व्हिप जारी हो सकता है। लेकिन, सदन के बाहर व्हिप के तहत कोई भी निर्देश न तो दिया जा सकता है और न ही यह लागू होता है। व्हिप पूर्णतया सदन के भीतर का विषय है।
जानकारों का कहना है कि अदिति का सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेना पार्टी की अनुशासनहीनता का मामला जरूर बनता है।
यानी, इस प्रकरण को व्हिप का उल्लंघन बताते हुए कांग्रेस अदिति सिंह के खिलाफ दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई के लिए विधानसभा अध्यक्ष को याचिका नहीं दे सकती है। अगर दे भी तो इसका खारिज होना तय है।