लखनऊ। छुट्टा जानवरों को पकड़कर गोशालाओं में संरक्षित करने का निर्देश कागजों पर और इनकी वजह से हादसों का खतरा सड़कों व शहर की गलियों में दौड़ रहा है। आए दिन हो रही घटनाओं के बाद भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही। सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों की चहलकदमी भी आमजन पर भारी पड़ रही है। कई इलाकों में बंदर भी लोगों की मुसीबत बन गए हैं।
रविवार की दोपहर 2:50 बजे निशातगंज में पुल के नीचे दो छुट्टा जानवर इधर से उधर दौड़ रहे थे। इनसे बचने के लिए लोग खुद ही एक किनारे से निकलने को मजबूर थे। काफी देर तक इनकी चहलकदमी मुख्य सड़क पर बनी रही। कुकरैल बंधा मार्ग, सीतापुर मार्ग पर भी इनकी चहलकदमी सफर में हादसे का खतरा बढ़ाती नजर आई। छुट्टा जानवरों की चपेट में आकर लोग चोटिल ही नहीं हो रहे, जिंदगी पर भी ब्रेक लग रहा है। पशुपालन विभाग, नगर निगम और नगर निकायों के जिम्मेदार पशुओं को गोशाला भेजने के बजाय सिर्फ आंकड़ों को दुरुस्त करने में लगे हैं।
जानवरों के कब्जे में सड़क, किनारे से बचकर निकले लोग
दोपहर के समय अलीगंज सेक्टर-ए में आधी सड़क छुट्टा जानवरों के कब्जे में थी। चार गोवंश आधी से ज्यादा सड़क पर कब्जा जमाए खड़े थे। इसमें दो आपस में भिड़ने को तैयार थे। लोग काफी दूर से बचकर निकलते दिखे। इंद्रानगर सेक्टर- नौ में भी छुट्टा जानवर सड़क पर डेरा जमाए दिखे। इंदिरानगर सी ब्लॉक और इंदिरानगर वैशाली एन्क्लेव के पास खाली प्लॉट में जानवरों का झुंड बैठा था।
हमलावर हो रहे कुत्ते, मुश्किल में राहगीर
छुट्टा जानवर ही नहीं सड़कों पर घूम रहे कुत्ते भी हमलावर हो रहे हैं। सड़क से गुजरने वालों को दौड़ा लेते हैं। कई हादसे भी हो चुके हैं। मगर जिम्मेदार बेपरवाह हैं। दोपहर एक बजे कृषि निदेशालय के सामने की सड़क पर पांच से सात कुत्ते टहल रहे थे। सड़क से गुजरने वालों को इनसे बचकर निकलना पड़ रहा था। यही नजारा पुरनिया से केशवनगर जाने वाली सड़क पर दिखा। अलीगंज में भी कई स्थानों पर आवारा कुत्तों की चहलकदमी राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा रही थी।
सड़कों पर छुट्टा जानवर, अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा का डर
सरोजनीनगर में छुट्टा पशुओं की चहलकदमी ने किसानों के साथ-साथ अभिभावकों की भी चिंता बढ़ा दी है। गांवों और मोहल्लों की सड़कों पर दिनभर घूमते छुट्टा पशुओं के झुंड से छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक परेशान हैं। कई अभिभावक बच्चों को खुद विद्यालय छोड़ने और छुट्टी के समय लेने जाने को मजबूर हैं। बंथरा, रामचौरा, गढ़ी चुनौटी, किशनपुर कौड़िया, जहानाबाद और उमेदखेड़ा समेत क्षेत्र के लगभग हर गांव में सड़कों और गलियों में आवारा पशु घूमते नजर आते हैं। कई बार ये पशु सड़क पर अचानक दौड़ पड़ते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के साथ स्कूली बच्चों के साथ भी हादसे का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों के मुताबिक छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए नगर पंचायत बंथरा और नगर निगम में कई बार शिकायत की जा चुकी है। मगर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।
शहर में घूमते छुट्टा पशु।