केजीएमयू : पीएचडी मामले में जांच का आदेश
केजीएमयू के कम्युनिटी मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ विभाग में पीएचडी के मामले को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं। राजभवन से शिकायत आने के बाद विभाग में हलचल मच गई है।
केजीएमयू हर साल करीब 15 अभ्यार्थियों की पीएचडी अवॉर्ड की जाती है। इसमें तीन से पांच साल की अवधि लगती है। इस दौरान केजीएमयू में कार्यरत डॉक्टर व दूसरे कर्मचारियों को पीएचडी के लिए कम से कम एक वर्ष का अवकाश लेना अनिवार्य है। इसमें छह माह का पीएचडी फाउंडेशन कोर्स भी करना होता है। आरोप है कि कम्युनिटी मेडिसिन एंड पब्लिक हेल्थ विभाग में पीएचडी के दौरान नियमों की अनदेखी की जा रही है। कुछ लोगों को बिना एक साल के अवकाश के पीएचडी की डिग्री अवॉर्ड कराने की तैयारी है। इस पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव हेमन्त राव ने केजीएमयू कुलपति को पत्र भेजकर मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि राजभवन के मिले पत्र के आधार पर सोमवार को आख्या भेजी जाएगी।