सिविल अस्पताल के निदेशक समेत 39 चिकित्साधिकारी सेवानिवृत्त
पहले से पद रिक्त, अब और बढ़ेगी मुश्किल
शासन की ओर से निर्धारित 62 साल की उम्र पूरी करने के बाद प्रदेश के 39 चिकित्साधिकारी रविवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। इनमें राजधानी के श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) के निदेशक डॉ. हिम्मत सिंह दानू भी शामिल हैं।
शासन की ओर से 31 मई 2017 को चिकित्सा एवं स्वास्थथ्य सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 से बढ़ाकर 62 कर दी गई थी। इस अवधि को पूरी करने के बाद 30 जुलाई को प्रदेश के 39 चिकित्साधिकारी सेवानिवृत्त हो गए हैं। अपर निदेशक (प्रशासन) की ओर से जारी आदेश के तहत ये चिकित्साधिकारी अपने चिकित्सालय अथवा विभाग में कार्यरत वरिष्ठतम चिकित्साधिकारी को कार्यभार सौंप देंगे।
सेवानिवृत्त होने वालों में सिविल के निदेशक डॉ. हिम्मत सिंह दानू, महानिदेशालय में कार्यरत संयुक्त निदेशक डॉ. सूर्यबली पांडेय, निदेशक (राष्ट्रीय कार्यक्रम) डॉ. ईयू सिद्दीकी, निदेशक मातृ शिशु कल्याण डॉ. सुरेश चंद्रा, लोहिया अस्पताल के मुख्य परामर्श दाता डॉ. बाबू राम जायसवाल एवं विजय राज सक्सेना, सिविल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव, जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, लोकबंधु राजनारायण अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार, राज्य स्वास्थ्य संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह सहित 39 चिकित्साधिकारी शामिल हैं।
राजधानी सहित पूरे प्रदेश में चिकित्सकों के करीब 600 पद रिक्त चल रहे हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था लड़खड़ानी तय है। सिविल अस्पातल में करीब 10 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। अब यहां के निदेशक भी सेवानिवृत्त हो गए हैं। इसी तरह लोहिया अस्पताल में दो वरिष्ठ परामर्शदाता सेवानिवृत्त होने से यहां की व्यवस्था भी प्रभावित होगी। यहां पांच पद रिक्त चल रहे हैं।