साधु संत के वेश में आतंकी हमले की साजिश की आशंका के मद्देनजर प्रदेश के सभी धार्मिक स्थलों और न्यायालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा को और भी चाक चौबंद करने का फैसला किया गया है।
मध्य प्रदेश पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सभी आईजी, डीआईजी, एससपी, एसपी व रेलवे के एसपी को पत्र भेजकर इस बारे में सतर्क किया था। इस इनपुट के बाद सुरक्षा शाखा के आईजी सुरक्षा अशोक जैन को गोरखधाम मंदिर और वाराणसी में विभिन्न धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा के लिए गोरखपुर भेज कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की गई।
गोरखपुर के अलावा वाराणसी, मथुरा, अयोध्या और आगरा में ताजमहल की सुरक्षा के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट और हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के साथ साथ विधानभवन, सचिवालय के अन्य भवनों, हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन समेत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है।
नेपाल के रास्ते आ सकते हैं आतंकी
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पत्र में कहा गया है कि इसी साल फरवरी में खुफिया जानकारी मिली थी कि 20 से 25 व्यक्ति साधु एवं तांत्रिक की भेष में भारत नेपाल सीमा से उत्तर प्रदेश में दाखिल होकर आतंकी घटना को अंजाम दे सकते हैं। और प्रदेश के अलग अलग घार्मिक स्थलों को जाकर अशांति फैला सकते हैं।
इन स्थानों पर सबसे अधिक खतरा
मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से जारी पत्र में बताया गया था कि उत्तर प्रदेश के काशी, मथुरा और अयोध्या के अलावा प्रमुख पर्यटन स्थल ताजमहल, आगरा, उच्च न्यायालय इलाहाबाद व खंडपीठ लखनऊ, विधानभवन, सचिवालय भवन, हवाईअड्डे, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, प्रमुख प्रतिष्ठानों, सिनेमाघरों के अलावा भीड़-भाड़ वाले बाजारों में आतंकवादी हमला किया जा सकता है।