‘पुलिस कर्मियों को अपने व्यवहार में बदलाव लाकर जनता का दिल जीतना होगा। पुलिस अधिकारियों को काम करने की पूरी आजादी दी जाएगी। घटनाओं में निष्पक्ष कार्रवाई होगी। पुलिस के काम में किसी बाहरी संगठन का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’
यह कहना है सूबे के नए डीजीपी सुलखान सिंह का। शनिवार सुबह पदभार ग्रहण करने के बाद वे मीडिया से मुखातिब थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस में भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जनता की सुरक्षा के अधिकारों के संरक्षण के साथ मुख्यमंत्री की ओर से तय की गई प्राथमिकताओं पर काम करेंगे।
व्यवहार में बदलाव लाकर जीतेंगे जनता का विश्वास
सुलखान ने कहा कि हम अपने व्यवहार में बदलाव लाकर जनता का विश्वास जीतेंगे। नागरिकों को पुलिस के करीब लाने के लिए उचित वातावरण बनाया जाएगा। थानों पर नागरिकों से अच्छा व्यवहार किया जाएगा। 100 प्रतिशत मुकदमे दर्ज होंगे।
आंकड़ों से नहीं, कार्रवाई व व्यवहार से होगा आकलन
वर्तमान डीजीपी सुलखान सिंह को बधाई देते पूर्व डीजीपी जावीद अहमद
- फोटो : amar ujala
डीजीपी सुलखान ने कहा, पुलिस वालों के काम का आकलन आंकड़ों से नहीं, बल्कि कार्रवाई और व्यवहार से किया जाएगा।
विभाग के भ्रष्टाचार पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस फोर्स, दुनिया की सबसे बड़ी फोर्स है। ऐसे में कई तरह की शिकायतें आती हैं। पुलिस का व्यवहार ठीक होगा तो शिकायतें अपने आप कम हो जाएंगी।
उन्होंने कहा कि थानों की गश्त व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा, इसके लिए थानेदारों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। रिहाइशी क्षेत्रों में गश्त सुनिश्चित की जाएगी। इनकी चेकिंग के लिए बॉर्डर के थाने वालों का सहयोग लिया जाएगा।
अधिकारी कार्यालय में बैठेंगे, सुनेंगे समस्याएं
पदभार ग्रहण करते सुलखान सिंह
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डीजीपी ने कहा, जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए एसपी से लेकर आईजी तक निर्धारित समय पर अपने दफ्तर में बैठेंगे।
मैं खुद भी ज्यादा से ज्यादा समय अपने कार्यालय में बैठने की कोशिश करूंगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की समस्याओं का हल निकाला जा सके। अगर जिला, रेंज और जोन स्तर पर सुनवाई होगी तो लोगों को लखनऊ आने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
पुलिस वालों के साप्ताहिक अवकाश पर होगा विचार
डीजीपी ने कहा कि पुलिस कर्मियों को सप्ताह में एक दिन अवकाश मिले, यह जरूरी है। पहले भी इसके निर्देश जारी हुए हैं, लेकिन कई बार चुनाव ड्यूटी या त्यौहारों पर छुट्टियां कैंसिल कर दी जाती हैं। हमारी कोशिश होगी कि पुलिस कर्मियों को लगातार काम न करना पड़े।