यहां कुछ भी तोड़िए-फोड़िए, नए-नए प्रयोग कीजिए, न कोई आपको रोकेगा न टोकेगा।
नई सोच के साथ प्रयोग करने का ये मौका अलीगंज स्थित रीजनल साइंस सिटी में मिलेगा।
इसके लिए केंद्र सरकार की मदद से यहां एक इन्नोवेशन हब बनाया जाएगा।
ये हब ऐसे मेधावियों को मौका देगा, जो संसाधनों की कमी के कारण अपनी खोज पूरी नहीं कर पाते। साइंस एक्सपो-2014 में हिस्सा लेने आए राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र के निदेशक डी रामा सरमा ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
देशभर में इन्नोवेशन हब बनाने के लिए तकनीकी मदद दे रहे सरमा ने बताया कि अभी तक तीन केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। दो अन्य फरवरी में तैयार हो जाएंगे।
इनमें से एक हब की स्थापना देश में इन्नोवेशन के सूत्रधार सैम पित्रोदा ने 23 जनवरी को दिल्ली में की है।
यह इन्नोवेशन हब इस समय दिल्ली, बंगलूरू और कोलकाता में शुरू होकर नए आविष्कार कराने में मददगार बन रहे हैं।
सरकार की पूरे देश में 50-60 इन्नोवेशन हब तैयार करने की योजना है। इनमें से एक लखनऊ के रीजनल साइंस सिटी में रहेगा।
सरमा ने बताया कि लखनऊ में इन्नोवेशन हब को अगले वित्तीय सत्र 2014-15 के लिए प्रस्तावित किया गया है।
एक साल के अंदर ही यहां युवाओं को अपने इन्नोवेशन को पूरा करने का मौका मिलेगा। इसे 2014-15 में ही पूरा करने की योजना है। राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद के 25 साइंस सेंटर देशभर में हैं। इनमें से लखनऊ सहित 20 में इन्नोवेशन हब बनाए जाने हैं।
यहां लैब में युवाओं को दिमाग में चल रहे इन्नोवेशन को कागज पर डायग्राम, मॉडल बनाने से लेकर अन्य जरूरी तकनीकी मदद मुहैया कराई जाएगी।