अगले वित्त वर्ष में प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं को लागू करने के लिए 1215.91 अरब रुपये के ऋण वितरण की तैयारी है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में हरित क्रांति को ध्यान में रखकर विकास योजनाएं बनाने को कहा गया है।
इसके अलावा सरकार ने सभी पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना में पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराने का फैसला किया है।
प्रदेश में इस समय वित्त वर्ष 2014-15 में विभिन्न विकास परियोजनाओं व कार्यों के लिए ऋण वितरण का लक्ष्य तय करने का काम हो रहा है।
नाबार्ड ने 121591.73 करोड़ ऋण वितरण का अनुमान लगाया है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर विकास परियोजनाएं तैयार की जा रही हैं।
संस्थागत वित्त विभाग ने इसके लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। कृषि क्षेत्र में परियोजनाएं बनाते समय इस बात का ध्यान रखने को कहा गया है कि उससे हरित क्रांति योजना को बढ़ावा मिले।
जिला स्तर पर कृषि क्षेत्र में फसली ऋणों के निर्धारण में खरीफ व रबी फसलों के लिए अलग-अलग लक्ष्य तय किए जाएंगे। फसली ऋण, फार्म प्रणाली, डेयरी विकास, गोदाम व मार्केटिंग यार्ड की स्थापना पर ऋण प्रवाह का जोर होगा।
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 88326.38 करोड़ के ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी है।