लखनऊ। भारतीय बाल अकादमी (आईएपी) के उत्तर प्रदेश शाखा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. संजय निरंजन के मुताबिक, नवजातों की स्क्रीनिंग और अन्य जांचों में तेजी लाकर शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। वह रविवार को आईएपी के नियोकोन के नियोनेटोलॉजी स्पेशिलिटी चैप्टर के राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में बोल रहे थे। तीन दिन के इस सम्मेलन का आयोजन शहीद पथ स्थित होटल में हुआ।
डाॅ. संजय निरंजन ने बताया कि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर तीन दिवसीय सम्मेलन के निष्कर्ष सरकार को भेजे जाएंगे। इसका मकसद प्रदेश में शिशु मृत्यु दर के आंकड़े में सुधार लाना है। प्रदेश में यह आंकड़ा 25 है। भारतीय बाल अकादमी के नियोनेटोलॉजी स्पेशिलिटी चैप्टर अध्यक्ष राजेश कुमार ने आयोजन में शामिल रहे डाॅ. संजय निरंजन, डॉ. शालिनी भसीन, डॉ. शालिनी त्रिपाठी, डॉ. सलमान खान और डॉ. अनुराग कटियार को सम्मानित किया।