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इस साल 11,040 गैरजरूरी पद खत्म करेगा रेलवे, खर्च कम करने के लिए लिया गया फैसला

Wed, 13 Jun 2018 01:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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खर्चों में कटौती के लिए रेलवे ने इस वित्तीय वर्ष में 11,040 पदों को खत्म करने का लक्ष्य तय किया है। इस बाबत जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को फरमान जारी किया गया है। इसमें उत्तर रेलवे में 1500 व पूर्वोत्तर रेलवे में 700 पद खत्म होंगे। इस आदेश के विरोध में यूनियनों ने कमर कस ली है।

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भारतीय रेल में 13 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। रेल यात्रियों व मालभाड़े से जो कमाई होती है, उसका आधा हिस्सा रेलकर्मियों की तनख्वाह व अन्य सुविधाओं पर खर्च हो जाता है। इससे उबरने के लिए रेलवे बोर्ड ने यह योजना बनाई है। बता दें कि 2015 में गठित देब्रो कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कर्मियों की संख्या कम करने की संस्तुति की थी।

इसके बाद रेलवे बोर्ड प्रतिवर्ष स्टाफ कम करने के लिए फरमान जारी कर रहा है। रेलवे में 16 जोन और करीब 70 मंडल हैं।  अधिकारियों के मुताबिक बहुत से पद ऐसे हैं, जिनकी आवश्यकता नहीं है। लिहाजा, उन्हें खत्म कर खर्च घटाया जा रहा है। पद कम करने से जो खर्च बचेगा उसका 25 प्रतिशत हिस्सा रेलवे बोर्ड को मिलेगा। इससे यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी व अन्य विकास कार्य होंगे।
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ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन(एआईआरएफ) के महासचिव शिवगोपाल मिश्र का कहना है कि रेलवे में सेफ्टी से जुड़े दो लाख पद खाली पड़े हैं। उसे लेकर कोई चिंता नहीं है। हर साल पदों को खत्म करने के फरमान जारी हो रहे हैं। ट्रेनों के संचालन से लेकर रेलकर्मियों के हितों तक पर रेलवे का ध्यान नहीं है। खर्च घटाने और आय बढ़ाने पर पूरा जोर है। इसी क्रम में रेलवे ने मालगाड़ियों के बेहतर संचालन पर जोर दिया है। इसके चलते सात हजार करोड़ रुपये की आय हुई है जबकि यात्री गाड़ियों से सिर्फ दो हजार करोड़ कमाए गए हैं।

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उत्तर रेलवे में पदों को खत्म करने का सबसे बड़ा लक्ष्य

उत्तर रेलवे के लखनऊ, दिल्ली, मुरादाबाद, अम्बाला व फिरोजपुर मंडलों से 1,500 पदों को खत्म करने का लक्ष्य है। यह सर्वाधिक है। दक्षिण रेलवे में भी 15,00 पद खत्म होंगे। पूर्वोत्तर, पश्चिम रेलवे व पूर्व तटीय रेलवे में सात-सात सौ, मध्य रेलवे में एक हजार, पूर्व रेलवे में 1100, पूर्व मध्य रेलवे में 300, उत्तर मध्य रेलवे में 165, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 550, उत्तर पश्चिम रेलवे में 300, दक्षिण मध्य रेलवे में 800, दक्षिण पूर्व रेलवे में 825, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 400, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 200 और पश्चिम मध्य रेलवे में 300 पद खत्म करने की योजना है।

रेलवे बोर्ड के मुताबिक जो पद खत्म होंगे उनकी जिम्मेदारी संभालने के लिए रेलवे के अन्य विभागों, डिपो, डिवीजन में कार्यरत कर्मियों की मदद ली जाएगी। उनके ट्रांसफर किए जाएंगे और जिम्मेदारियां बढ़ाई जाएंगी। ऐसे में बाकी कर्मियों पर काम को बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।

रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ई-आर) विकास आर्या का कहना है कि पदों को खत्म करने का लक्ष्य तय कर लिया गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 11,040 पदों को खत्म किया जाना है। उत्तर व दक्षिण रेलवे में सर्वाधिक 15-15 सौ पद खाली करने का लक्ष्य है। इस बाबत सभी जोन के महाप्रबंधकों को सर्कुलर भेज दिया गया है।
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