उत्तर रेलवे के लखनऊ, दिल्ली, मुरादाबाद, अम्बाला व फिरोजपुर मंडलों से 1,500 पदों को खत्म करने का लक्ष्य है। यह सर्वाधिक है। दक्षिण रेलवे में भी 15,00 पद खत्म होंगे। पूर्वोत्तर, पश्चिम रेलवे व पूर्व तटीय रेलवे में सात-सात सौ, मध्य रेलवे में एक हजार, पूर्व रेलवे में 1100, पूर्व मध्य रेलवे में 300, उत्तर मध्य रेलवे में 165, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे में 550, उत्तर पश्चिम रेलवे में 300, दक्षिण मध्य रेलवे में 800, दक्षिण पूर्व रेलवे में 825, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 400, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 200 और पश्चिम मध्य रेलवे में 300 पद खत्म करने की योजना है।
रेलवे बोर्ड के मुताबिक जो पद खत्म होंगे उनकी जिम्मेदारी संभालने के लिए रेलवे के अन्य विभागों, डिपो, डिवीजन में कार्यरत कर्मियों की मदद ली जाएगी। उनके ट्रांसफर किए जाएंगे और जिम्मेदारियां बढ़ाई जाएंगी। ऐसे में बाकी कर्मियों पर काम को बोझ बढ़ना तय माना जा रहा है।
रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ई-आर) विकास आर्या का कहना है कि पदों को खत्म करने का लक्ष्य तय कर लिया गया है। वित्त वर्ष 2018-19 में कुल 11,040 पदों को खत्म किया जाना है। उत्तर व दक्षिण रेलवे में सर्वाधिक 15-15 सौ पद खाली करने का लक्ष्य है। इस बाबत सभी जोन के महाप्रबंधकों को सर्कुलर भेज दिया गया है।