इंडियन ऑयल से वापस ली 25 करोड़ की जमीन
तेल कंपनी को आवंटित जमीन पर ठेकेदार फर्म आरकेबीके का मिला कब्जा
एलडीए ने मंगलवार को ऐशबाग इंडस्ट्रियल एरिया में एशियाटिक पेट्रोलियम कंपनी व द टैंक स्टोरेज कंपनी (अब इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड) को आवंटित करीब 60 हजार वर्गफुट जमीन खाली कराई। यह जमीन दो भूखंड 68एफ व 68सी में मौजूद है। यह जमीन इंडियन ऑयल के लिए काम करने वाली ठेकेदार कंपनी आरकेबीके के कब्जे में थी। मौके पर खुद इंडियन ऑयल की ओर से कोई उपयोग होते नहीं मिला।
कार्रवाई कराने पहुंची संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (अब एलडीए) की इस जमीन पर अवैध रूप से आरकेबीके ने यहां अपना मिट्टी के तेल का डिपो बनाया हुआ था। जमीन खाली करने के लिए पूर्व में ही तहसीलदार ट्रस्ट राजेश शुक्ला ने नोटिस दिया था। नोटिस के बाद भी जमीन खाली नहीं की गई। आरकेबीके के पक्ष को सुनते हुए एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह ने जमीन में पुर्नप्रवेश की कार्रवाई का फैसला लिया। इसके बाद मंगलवार को जमीन खाली करा ली गई।
इस जमीन की कीमत करीब 25 करोड़ रुपये आंकी गई है। इससे पहले एलडीए ने दूसरी तेल कंपनी इंडो बर्मन पेट्रोलियम से नौ जनवरी को कार्रवाई कर 25 हजार वर्गफुट जमीन वापस ली थी। यहां बने अवैध निर्माण भी एलडीए ने तोड़े थे। यह जमीन भूखंड संख्या 68जी पर मौजूद थी।
एक और कंपनी पर होनी है कार्रवाई
एलडीए को अब एक और तेल कंपनी स्टेंडर्ड वैक्यूम ऑयल (अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) पर कार्रवाई करनी है। उसके पास 68बी, 68जे, 68के और 68(6) भूखंड हैं।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से दिया था पट्टा
1973 में एलडीए के बनने से पहले ही यह पट्टे तेल कंपनियों को दिए गए थे। उस समय ब्रिटिश सरकार का बनाया इंप्रूवमेंट ट्रस्ट काम कर रहा था। एलडीए के रिकॉर्ड के मुताबिक 90 साल की अवधि भी इन जमीनों के पट्टे की खत्म हो चुकी है। सभी जमीनों पर मौके पर कब्जे ही बने हुए हैं।