इंडिया में सीटों की साझेदारी पर अब आगे की बात पांच राज्यों के चुनाव के बाद होगी। यूपी में मुख्य घटक दल समाजवादी पार्टी पश्चिमी बंगाल और बिहार के सीटों के बंटवारे के फॉर्मूले को राज्य में अपनाने पर जोर दे रही है। वहीं, कांग्रेस वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव को आधार बनाते हुए सीटें चाहती है। यह मसला अब इंडिया की अगली बैठकों में ही सुलटने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे की बात न बनने पर कांग्रेस और सपा के बीच रिश्तों में आई खटास जगजाहिर है। कांग्रेस हाईकमान के दखल के बाद भी यह कम या अधिक मात्रा में गाहे-बगाहे किसी न किसी रूप में सामने आ ही जा रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस और सपा के बीच सीटों का बंटवारा अब आसान न होगा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नवरात्र में कुछ लोकसभा टिकट घोषित किए जाने का एलान किया था, लेकिन पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इंडिया गठबंधन के कांग्रेस समेत कई घटक दल फिलहाल पांच राज्यों के चुनाव पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। इसलिए तय हुआ है कि इंडिया की अगली बैठक इन राज्यों के चुनाव के बाद ही की जाएगी।
यहां तक कि संयुक्त रैली का कार्यक्रम भी फिलहाल टाल दिया गया है, क्योंकि राज्यों के चुनाव में कई घटक दल एक दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। इंडिया गठबंधन में प्रतिनिधित्व कर रहे सपा के एक नेता कहते हैं कि सीटों के बंटवारे को लेकर कोई कितना भी कयास क्यों न लगाए, लेकिन हकीकत यह है कि अभी सबका ध्यान पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव पर है। वहां की जीत-हार भी बहुत कुछ तय करेगी।
अखिलेश यादव से मिलीं कृष्णा पटेल, लोकसभा चुनाव पर मंथन
अपना दल (कमेरावादी) की प्रमुख कृष्णा पटेल और उनकी पुत्री व सपा विधायक पल्लवी पटेल ने शुक्रवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसकी जानकारी एक्स के जरिये देते हुए अखिलेश ने इसे खास मुलाकात बताया। राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, तीनों नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई। कृष्णा पटेल प्रतापगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जाती हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। उधर, एक अन्य एक्स में अखिलेश यादव ने ईरानी नागरिकों के साथ अपना फोटो साझा करते हुए कहा कि इंसानियत से बड़ा धर्म और मदद से बड़ी इबादत कोई और नहीं। जंग की हालात की वजह से ईरान से आकर हमारे देश में फंसे इन मेहमानों की देश वापसी में हम कुछ कर पा रहे हैं, ये हमारी खुशकिस्मती है।
यह कैसा अमृतकाल-अखिलेश
अखिलेश ने एक परिवार की फोटो प्रदर्शित करते हुए एक्स के जरिये कहा है कि ये भाजपा का अमृतकाल जब एक पिता अपने पुत्र को बेचने के लिए गले में तख्ती लटकाकर बिलखने को मजबूर है। इससे पहले कि ये तस्वीर दुनिया भर में फैल जाए और प्रदेश के साथ-साथ देश की छिप संपूर्ण विश्व में धूमिल करे, कोई तो सरकार को जगाए।