लखनऊ। बिना गारंटी व ब्याज के पांच लाख तक के सहज कर्ज से शहर के युवाओं में भी उद्यमशीलता के पंख लगे हैं। नए साल से शुरू हुई प्रक्रिया में उद्यमी बनने के लिए लखनऊ से 6000 से ज्यादा पंजीकरण हुए, जिसमें 2000 से ज्यादा आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इन आवेदनों में युवाओं का रुझान मैन्युफैक्चरिंग से ज्यादा सर्विस सेक्टर के उद्यमों में ज्यादा दिखा।
पिछले साल लॉन्च हुई सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत सर्विस सेक्टर में 60 प्रतिशत से ज्यादा आवेदन मिले। इनमें भी सबसे ज्यादा आवेदन हेल्थ एंड ब्यूटी पार्लर, ड्रेस एंड फैशन, ऑटोमोबाइल सर्विस, कम्प्यूटर सर्विस सेंटर, इंटीरियर डिजाइन, ई कॉमर्स, एग्रो सीड प्रोसेसिंग, फूड एंड वेजिटेबल एंड डिहाइड्रेशन, केमिकल व फाॅर्मा पैकेजिंग, इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रॉनिक्स सर्विस, सैलून, कंसलटेंसी के लिए मिले। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में आवेदन 40 फीसदी से कम रहे। इस सेक्टर में फूड प्रोसेसिंग, आयरन फैब्रिकेटिंग, वूडेन फर्नीचर के लिए आवेदन मिले हैं।
1200 प्रोजेक्ट में 528 प्रोजेक्टों को कर्ज की स्वीकृति
अब तक 9.5 करोड़ के 2000 से ज्यादा आवेदन स्वीकार किए गए हैं। इनमें से 5.88 करोड़ की लागत के 1200 से ज्यादा आवेदनों को बैंकों में भेजकर कर्ज देने के लिए कहा गया है। जिला उद्योग केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 68 फीसदी आवेदन सर्विस सेक्टर और 32 फीसदी आवेदन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए हुए हैं। अब तक 2.56 करोड़ की लागत के 528 प्रोजेक्ट को कर्ज की संस्तुति हुई है, जिसमें सर्विस सेक्टर मे 363 और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 165 प्रोजेक्ट शामिल हैं, जबकि 40 करोड़ से ज्यादा के 100 प्रोजेक्टों को कर्ज दिया जा चुका है।
सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत नए साल से शुरू हुए आवेदनों में अच्छी प्रगति दिख रही है। 40 करोड़ से ज्यादा की लागत के 100 से ज्यादा प्रोजेक्ट को कर्ज भी मिल गया है। इसकी प्रगति तेजी से हो रही है।
- मनोज चौरसिया, उपायुक्त उद्योग लखनऊ