निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश के करीबी निकांत जैन के खिलाफ आयकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। आयकर विभाग ने इंवेस्ट यूपी में कमीशनखोरी का रैकेट चलाने के आरोप में निकांत को गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ से उसके आवास और कार्यालय में मिले दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही, जांच में सामने आए तथ्यों को भी साझा करने का अनुरोध किया है। एसटीएफ द्वारा इसे मुहैया कराने के बाद निकांत को नोटिस देकर पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा।
आयकर विभाग की जांच इकाई ने इन्वेस्ट यूपी में कमीशनखोरी के रैकेट की जांच के तहत निकांत पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने निकांत के अलावा उसकी कंपनी के निदेशक सौरभ सेठ के बारे में भी अहम जानकारियां जुटाई हैं, जिनमें उनकी आधा दर्जन से अधिक कंपनियों के द्वारा बीते 10 वर्ष में हुए लेन-देन का ब्योरा भी शामिल है।
प्रोजेक्ट मंजूर करने के बदले कमीशन लिया गया था
इसके अलावा दोनों के बैंक खातों और संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आयकर विभाग निकांत के बाद आईएएस अभिषेक प्रकाश को भी जांच के दायरे में लाने की तैयारी में है। अधिकारियों को अंदेशा है कि निकांत की कंपनियों के जरिए कुछ अन्य उद्योगपतियों के प्रोजेक्ट मंजूर करने के बदले कमीशन लिया गया था।
ईडी भी भेजेगा नोटिस
निकांत और सौरभ सेठ के ठिकानों पर बीते दिनों छापे के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी दोनों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब करने जा रहा है। दाेनों को इसी हफ्ते नोटिस भेजकर अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में ईडी कार्यालय बुलाया जाएगा। बता दें कि छापों के दौरान निकांत अपने आवास पर मौजूद नहीं मिला था। उसकी पत्नी ने भी उसके बारे में कोई जानकारी होने से अनभिज्ञता जता दी थी।