प्रदेश का सबसे बड़ा चिकित्सा संस्थान सोमवार को वाहनों की बाज से पूरी जाम हो गया। वाहनों की संख्या इतनी ज्यादा हो गई कि लोगों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। ऐसे में मरीज और तीमारदारों को काफी समस्या हुई।
केजीएमयू में रोजाना करीब सात हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। इन मरीजों के साथ ही काफी संख्या में तीमारदार भी होते हैं। सप्ताह का पहला दिन होने की वजह से सोमवार को यह संख्या और भी ज्यादा रहती है। स्वतंत्रता दिवस, जन्माष्टमी और रविवार की छुट्टी की वजह से तीन के बाद संस्थान खुला था। इसलिए ओपीडी में भीड़ कुछ ज्यादा ही थी। इसके चलते सोमवार को परिसर में वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों का निकलना दूभर हो गया। गार्ड भी लगे रहे पर भीड़ ज्यादा थी। काफी मशक्कत के बाद जाम छूटा। यह भी बताया जा रहा था कि कैंपस के बाहर मुख्य मार्ग पर जाम होने की वजह से लोग परिसर के भीतर होकर जाने लगे। उसकी वजह से भी जाम की स्थिति बनी। इस मामले में केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. केके सिंह का कहना था कि मरीजों की संख्या ज्यादा होने की वजह से ऐसी स्थिति बनी। इसे व्यवस्थित करने के लिए योजना बनाई जा रही है। जल्द ही इसके परिणाम नजर आएंगे।