फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: सीएमए फाइनल के परिणाम में सोने सा दमके राजधानी के मेधावी

विज्ञापन
सफल अभ्यर्थी।
विज्ञापन
लखनऊ। इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) ने बुधवार शाम सीएमए इंटर और सीएमए फाइनल का परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा परिणाम में राजधानी के कई मेधावियों ने बाजी मारते हुए सफलता का आकाश चूमा। सीएमए लखनऊ चैप्टर ने गोमतीनगर स्थित कार्यालय में सफल अभ्यर्थियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन

आईसीएमए लखनऊ चैप्टर के अध्यक्ष अमित यादव ने बताया कि शहर के रक्षित खेतान ने 72.75 प्रतिशत अंकों के साथ फाइनल परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वहीं, सीएमए इंटर में 70.75 प्रतिशत अंकों के साथ रिया पांडेय ने शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। सीएमए फाइनल में सफल होने वाले अन्य युवाओं में मानसी राठौर 64.75, तरुण अग्रवाल 64, भावना 59.75, आयुष गुप्ता 57.63, निधि चौरसिया व यश त्रिपाठी शामिल हैं, जबकि सीएमए इंटरमीडिएट में अंशुल कौशल 66.75, मानसी अग्रवाल 64.75, साक्षी अग्रवाल 61.75, आदर्श अग्रवाल 60.62, अमन वर्मा 64 व शुभी अग्रवाल 59.50 शामिल हैं।
20 फीसदी ही पास कर पाए फाइनल परीक्षा
आईसीएमए लखनऊ चैप्टर के उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया सीएमए फाइनल परीक्षा में 20 फीसदी अभ्यर्थी ही सफल हुए। परीक्षा 152 अभ्यर्थियां ने दी थी, जिसमें से 29 ही पास कर पाए। इसी तरह सीएमए इंटरमीडिएट में 354 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे थे और 28 ने ही सफलता हासिल की, जो कुल अभ्यर्थियों का आठ प्रतिशत रहा।
विज्ञापन



नियमित कक्षाओं के साथ सेल्फ स्टडी आई काम
मैंने सभी कक्षाएं नियमित की। कोचिंग में पढ़ाई के बाद घर पर सेल्फ स्टडी भी की। इसी का परिणाम रहा कि परीक्षा में सफलता हासिल हुई। भविष्य में किसी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब का लक्ष्य है। पिता सतीश अग्रवाल व्यवसायी हैं और मां नूपुर अग्रवाल गृहिणी हैं।

- रक्षित खेतान, 72.75 प्रतिशत
पारिवारिक व्यवसाय बढ़ाना है आगे
परीक्षा में सफलता मेरे जीवन के प्रमुख लक्ष्यों में एक है। अब पारिवारिक व्यवसाय आगे बढ़ाने की चाह है। मैंने रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की। सभी गतिविधियों से दूरी बनाई और लक्ष्य पर फोकस किया। पिता मनोज अग्रवाल वित्तीय सलाहकार हैं और म्यूचुअल फंड में निवेश का व्यवसाय करते हैं। मां पद्मा अग्रवाल गृहिणी हैं।
- तरुण अग्रवाल, 64 प्रतिशत
बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से पाई सफलता

मेरे लिए यह वाकई सपने का सच होना है। कोई राह बताने वाला भी नहीं था। ऐसे में यूट्यूब और घर पर पढ़ाई की। पढ़ने के दौरान कब दिन से रात और रात से दिन हो जाता था, पता नहीं चलता था। औसत 12 से 13 घंटे रोज पढ़ाई की। पिता ओमप्रकाश सरकारी सेवा से रिटायर्ड हैं और मां गृहिणी हैं।
- भावना, 59.75 प्रतिशत
खुद के बनाए नोट्स और रिवीजन आया काम

पढ़ाई के दौरान मैंने खुद के नोट्स तैयार किए। एक टॉपिक को कई बार पढ़ा। इससे खूब रिवीजन हुए। जिससे परीक्षा में आसानी हुई। भविष्य में मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करना चाहती हूं। पिता जितेंद्र कुमार टाटा मोटर्स में इंजीनियर हैं और मां अर्चना राठौर गृहिणी हैं।
- मानसी राठौर, 64.75 प्रतिशत
भाई ने किया प्रोत्साहित, पढ़ाई आई काम
मेरे बड़े भाई भी सीएमए हैं, उन्हीं की प्रेरणा से मैंने भी सीएमए बनने की ठानी। तैयारी के दौरान मैंने लाइब्रेरी ज्वाइन की थी। इस दौरान रोजाना 8 से 10 घंटे पढ़ाई की और इस चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफल हो पाई। पिता महेंद्र जायसवाल व्यवसायी, मां सीमा गृहिणी हैं।
विज्ञापन


- प्रिया जायसवाल, 52 प्रतिशत
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें