लखनऊ। नाबालिग से छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के मामले में नाबालिग लगातार बयान देकर बताती रही कि उसके साथ छेड़खानी हुई है लेकिन विवेचक ने आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने वादिनी की ओर से फाइनल रिपोर्ट को चुनौती देने वाली अर्जी को स्वीकार करते हुए पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को निरस्त कर दिया और पुन: विवेचना का आदेश दिया है।
कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने और आरोपी को लाभ पहुंचाने पर पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह हजरतगंज के विवेचक भूपेंद्र प्रताप सिंह, तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक और एसीपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर दंडित करें। कोर्ट ने कमिश्नर को आदेश की प्रति भेजकर कहा कि विवेचक भूपेंद्र प्रताप सिंह और थाना प्रभारी ने आरोपी को लाभ देने के लिए कानून के खिलाफ जाकर बिना वादिनी को नोटिस दिए फाइनल रिपोर्ट लगा दी जो कि उनके पदीय कर्तव्यों में लापरवाही है। पत्रावली के अनुसार, वादिनी ने हजरतगंज में 24 अगस्त 2019 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके मकान में किराये पर रहने वाले अमन ने उसकी बेटी से छेड़खानी की।