लखनऊ। संपत्ति हड़पने के लालच में महिला की हत्या में सहयोग करने के आरोपी नौकर दीपू उर्फ सुरेंद्र कुमार को एडीजे सोमप्रभा मिश्रा ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में सरकारी वकील नवीन त्रिपाठी का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट पांच अक्तूबर 2014 को चंद्र कुमार छाबड़ा ने हुसैनगंज में दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि शाम को उनके बड़े भाई बलदेव कुमार ने फोन किया और बात करने की कोशिश की लेकिन बात नहीं हो सकी। उसके बाद उसकी पत्नी को फोन करके बताया कि चाची पुष्पलता छाबड़ा की तबीयत ज्यादा खराब है। इस पर चंद्रकुमार अपनी चाची के घर गया तो देखा कि उसकी चाची मरी पड़ी हैं और खून फैला हुआ है।
विवेचना के दौरान पता चला कि वादी चंद्रकुमार छाबड़ा ने ही संपत्ति के लालच में अपने नौकर दीपू उर्फ सुरेंद्र कुमार की मदद से अपनी चाची पुष्पलता की हत्या की थी। सुरेंद्र कुमार के हाथ में मिले बाल और मृतका के बाल की जांच कराई गई तो दोनों के मृतका के होने की पुष्टि हुई। मुकदमे के विचारण के दौरान आरोपी चंद्र कुमार छाबड़ा की मृत्यु हो गई थी जिसके चलते दीपू उर्फ सुरेंद्र के खिलाफ मुकदमा चला।
धोखाधड़ी कर बैंक में बंधक जमीन बेचने में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
लखनऊ। धोखाधड़ी कर बैंक में बंधक जमीन को बेचने के आरोपी तनवीर अहमद समेत नौ आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी को एडीजे अजय श्रीवास्तव ने खारिज कर दिया है।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपियों ने सामान्य व्यक्तियों से उनके जीवनभर की कमाई उन्हें लुभावने प्लॉट दिखाकर ले ली है। कहा गया कि मामला गंभीर है। कोर्ट में जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सरकारी वकील मनीष रावत व कमल अवस्थी ने तर्क दिया कि मामले की रिपोर्ट वादी शिवराज सिंह ने वजीरगंज थाने में दर्ज कराकर कहा था कि उसने बरावन कला वार्ड बालकगंज थाना ठाकुरगंज में अपनी पत्नी प्रेमा सिंह के नाम से सैयद हैदर से 18 लाख रुपये में जमीन खरीदी थी।
रजिस्ट्रार ऑफिस से कागजात की जांच कराई थी तो वह सही थे लेकिन बाद में पता चला कि उस जमीन को 55 लोगों की रजिस्ट्री कराई गई है और बैंक से उस पर लोन लिया गया है। जिसका मुकदमा डीआरटी में चल रहा है। वादी ने कहा है कि यह सभी लोग भूमाफिया हैं। अदालत ने आरोपी तनवीर अहमद, सैयद रईस हैदर, सैयद राणा रिजवी, सैयद अमन हैदर, सबा परवीन, सैयद मेहंदी हसन, अली अब्बास, अशरफ जहीर खान व वासिफ हसन की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा है कि मामले में अधिकांश आरोपी हिंद कंकरीट प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के सह निदेशक हैं तथा वह डीआरटी के समक्ष चल रहे मुकदमे में पक्षकार हैं। (संवाद)