एलडीए के फ्लैट में आवंटी को कब्जा सभी किस्तें पूरी होने के 30 दिन के भीतर देना अनिवार्य होगा। यह अवधि करीब 20 से 24 महीने की होगी। अब किस्तें भी एलडीए अपने हिसाब से नहीं बल्कि, कांस्ट्रक्शन लिंक विधि से वसूलेगा।
मतलब निर्माण कार्य के हिसाब से ली जाएंगी। इसके अलावा किसी भी योजना में पंजीकरण शुरू करने से पहले एलडीए यह भी सुनिश्चित करेगा कि जमीन पूरी तरह से उसके कब्जे में है और इस पर कोई भी विवाद नहीं है ताकि आवंटी को समय पर कब्जा मिल सके।
इसके अलावा प्राधिकरण की नई पंजीकरण नीति में कई अन्य बिंदुओं को भी शामिल किया गया है। इस आशय का आदेश शासन की ओर से दिया गया है, जिसे प्राधिकरण अपनी आने वाली योजनाओं की लांचिंग में शामिल करेगा।
एलडीए में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जब किस्त वसूलने के सालों बाद भी आवंटी को उसके फ्लैट या भूखंड पर कब्जा नहीं दिया जा सका। इसको लेकर अब सख्त नियम बनाए गए हैं।