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शिक्षा मित्रों को जल्द मिलने वाली है चिट्ठी

Fri, 30 May 2014 11:12 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्य सरकार पहले चरण में 46,000 शिक्षा मित्रों को प्राइमरी स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाएगी। इसके लिए संशोधित नियमावली के साथ समायोजन संबंधी आदेश शीघ्र ही जारी करने की तैयारी है।
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बेसिक शिक्षा विभाग चाहता है कि जून में ही समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए, ताकि जुलाई में परिषदीय स्कूलों में स्थाई शिक्षक मिल सकें।

बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी की मंजूरी के बाद अब इसे जल्द से जल्द अधिसूचित करने की तैयारी है। पहले चरण में 46,000 शिक्षा मित्र दो वर्षीय बीटीसी का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

इसलिए सबसे पहले इन्हें ही सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।

चुनाव आचार संहिता की वजह हुई देरी

प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 1,72,000 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। राज्य सरकार शिक्षा मित्रों को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से दो वर्षीय पत्राचार बीटीसी कराकर उन्हें शिक्षक पद पर समायोजित करने का निर्णय कर चुकी है।

इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन किया जा चुका है। चुनाव आचार संहिता के चलते इसे अधिसूचित नहीं किया जा सका था।

उधर, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष गाजी इमाम आला और आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र शाही ने समायोजन संबंधी नियमावली को बेसिक शिक्षा मंत्री से मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी।

साथ ही वादा किया है कि परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में वे सुधार लाएंगे।

इस वजह से प्रक्रिया हुई है तेज

परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 1,72,000 शिक्षा मित्रों के शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है।

बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने शिक्षा मित्रों के समायोजन संबंधी फाइल पर मंगलवार को हस्ताक्षर कर दिए।

जल्द ही इसे गजट नोटीफिकेशन के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद इनके समायोजन संबंधी आदेश जारी कर दिए जाएंगे।

समायोजन की प्रक्रिया जून में शुरू करने की विभाग की तैयारी है।
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नेताजी ने ही फंसाया था पेंच!

चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आयोग द्वारा नोटिस देने के बावजूद मुलायम का शिक्षामित्रों पर वोट के बदले सुविधाएं देने की अपील जारी रखते हुए मुलायम ने पेंच फंसा दिया था।

मुलामय ने कुछ रैलियों में स्पष्ट रूप से कहा कि काम दिया है, सुविधा दी है। सपा को वोट दोगे तो और सुविधा देंगे।

मुलायम ने उसके पहले भी धमकी भरे अंदाज में शिक्षामित्रों से वोट देने की अपील की थी। हालांकि, चुनाव में बुरी तरह हार के बाद समायोजन की प्रक्रिया लटकने का डर था।
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