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राहतः केजीएमयू में अब आधा घुटना भी बदलेगा, 10 प्रतिशत कम आएगा खर्च

Fri, 05 Jul 2019 04:31 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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 केजीएमयू में घुटना प्रत्यारोपण कराने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अब इनके घुटने का जितना हिस्सा खराब होगा, सिर्फ उतना ही डॉक्टर बदलेंगे। एक महीन चीरा लगाकर यह घुटना प्रत्यारोपण संभव होगा। ऑपरेशन के दो-तीन दिन बाद मरीज चल सकेगा।

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केजीएमयू के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टर ने एक महिला का नई तकनीक ऑक्सफोड पारसीयल नी रिप्लेसमेंट से ऑपरेशन किया है। डॉक्टर का कहना है कि इससे मरीजों के लिगामेंट खराब होने से बचाए जा सकेंगे। डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि अब तक विभाग में मरीजों का पूरा घुटना बदला जा रहा था।

बताया कि 30 से 40 प्रतिशत मरीजों का आधा घुटना ही खराब होता है। मरीज दर्द की शिकायत बताता है। ऐसे में पूरा घटना बदलना पड़ता है। इसे टोटल नी रिप्लेसमेंट कहते हैं। मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए अब जरूरत के हिसाब से आधा घुटना ही बदला जाएगा।

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कम आएगा खर्च

प्रतीकात्मतक तस्वीर
डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि नई तकनीक से खर्च करीब दस प्रतिशत कम आएगा। बताया कि घुटने के पूरे प्रत्यारोपण से कई लिगामेंट भी निकल जाते थे। ऐसे में प्रत्यारोपण बाद भी मरीज पहले की तरह चल-फिर नहीं पाते थे। इस विधि में मरीज पहले की तरह ही चल-फिर सकेंगे।
 
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