फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

10 रुपए के सिक्के को लेकर फैल रही है अफवाह, क्या आपने भी सुनी?

Tue, 04 Oct 2016 03:59 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो - फोटो : demo pic
विज्ञापन
दिल्ली और एनसीआर में 10 रुपये के सिक्कों को लेकर फैले भ्रम और अफवाहों का असर लखनऊ में भी दिखने लगा है। राजधानी में भी दुकानदार 10 रुपये के सिक्के को नकली बताते हुए लेने से इन्कार कर रहे हैं।  
विज्ञापन


जबकि इन सिक्कों की प्रमाणिकता को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया पूर्व में ही सूचना जारी कर चुकी है।  आरबीआई का कहना है कि 10 रुपये के सिक्के ‘इंडियन कॉइनेज एक्ट 1906’ के तहत तैयार कराए गए हैं और यह पूरी तरह से वैध हैं। सिक्कों को अस्वीकार करना कानूनन अपराध है।

प्रदेश के कई हिस्सों में अफवाहों की वजह से दुकानदार और व्यापारी इन सिक्कों को लेने से बचने लगे हैं। आरबीआई के एजीएम अजित प्रसाद के अनुसार, यह सिक्के पूरी तरह से वैध हैं। 
विज्ञापन


आरबीआई लखनऊ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सिक्कों को लेकर फैली गफलत इन सिक्कों के प्रति पैदा हुआ आकर्षण है। दरअसल, 2009-10 में जब इन्हें पहली बार जारी किया गया तो लोगों को ये बेहद अनोखे लगे।

उन्होंने सैकड़ों और हजारों की संख्या में इन्हें इकट्ठा करना शुरू कर दिया। कई लोग इस गलतफहमी में रहे कि इन सिक्कों का मूल्य 10 रुपये से अधिक है और आने वाले समय में इन्हें इनकी धातु की वजह से ज्यादा कीमत में बेचा जा सकेगा।

इसकी वजह से बाजार में काफी कम संख्या में आए। अतिरिक्त मूल्य नहीं मिलने पर 2010 और 2011 में बने इन सिक्कों को एक साथ यूपी में निकाला गया है। एकाएक आए पुराने सिक्कों की वजह से दुकानदार और व्यापारी उलझन में हैं। वे इन्हें नकली मान रहे हैं। दूसरी ओर सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर चल रहे मैसेजों ने भी इन्हें नकली साबित करने में योगदान दिया है।
विज्ञापन

दो तरह के हैं ‌स‌िक्के

डेमो - फोटो : demo pic
हाल ही में सिक्कों को नहीं स्वीकारने के मामले में पीलीभीत के डीएम मासूम अली सरवर द्वारा कडे़ निर्देश दिए  कि जो इन्हें मुद्रा के रूप में स्वीकार नहीं करेगा, उस पर आईपीसी की धारा 124-ए के तहत राष्ट्रद्रोह माना जाएगा।

यह भारतीय मुद्रा है और इसे देश में नकारने का अर्थ है कि दुकानदार भारत सरकार को नहीं मान रहे हैं। जिन सिक्कों को लेकर संशय है। उनमें पुराने सिक्कों की बैक साइड में 10 का आकार काफी बड़ा है और रुपये का निशान नहीं है।

जबकि नए सिक्के में 10 का आकार छोटा है और रुपये का निशान बना हुआ है। नया सिक्का पुराने की अपेक्षा ज्यादा आकर्षक है। इसके अलावा तीलियों की संख्या भी दोनों में कम ज्यादा है। 

20 सितंबर को ही आरबीआई की प्रवक्ता अल्पना किल्लावाला को स्पष्टीकरण देना पड़ा था कि ये सिक्के असली हैं। उन्होंने बयान जारी कर कहा कि ‘लोगों को 10 रुपये के इन सिक्कों का लेनदेन करने में झिझकना नहीं चाहिए, ये पूरी तरह से वैध हैं।’

बाई-मेटैलिक है 10 का सिक्का
- 10 का यह सिक्का बाई-मेटैलिक यानी दो धातुओं और दो हिस्सों में बना है।
- 27 मिलीमीटर के सिक्के का वजन 7.71 ग्राम रखा गया है।
- बाहरी हिस्सा एल्युमिनियम ब्रॉन्ज कहलाता है जो 4.45 ग्राम का है। इसमें 92 प्रतिशत तांबा, छह प्रतिशत एल्युमिनियम और 2 प्रतिशत निकिल है।
- भीतरी हिस्से कुप्रो निकिल (कॉपर और निकिल) का वजन 3.26 ग्राम है। इसे 75 प्रतिशत तांबे और 25 प्रतिशत निकिल से तैयार किया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें