फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डेंगू नहीं, लोगों के जहन में हावी हो गया है उसका डर

Tue, 22 Sep 2015 04:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
डेंगू नहीं उसका डर लोगों पर हावी है। सामान्य बुखार होने पर लोग मरीजों को भर्ती कराने, डेंगू और प्लेटलेट्स काउंट कराने की मांग कर रहे हैं। कुछ लोग पहले ही जांच कराकर नर्सिंगहोम आते हैं और सीधे भर्तीकर प्लेटलेट्स चढ़ाने की मांग करते हैं। मना करने पर चिकित्सकों की विशेषज्ञता पर उंगलियां उठाई जा रही हैं।
विज्ञापन


नर्सिंग होम ऑनर्स एसोसिएशन (एनएचओए) के पदाधिकारियों ने ये बात सोमवार को आयोजित पत्रकारों से बातचीत में कही। अध्यक्ष डॉ. रमा श्रीवास्तव, सचिव डॉ. अनूप अग्रवाल, डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, डॉ. देवेश मौर्या ने बताया कि वायरल फीवर को लोग डर से डेंगू समझ रहे हैं।

लखनऊ नर्सिंग होम एसोसिएशन के अनुसार अभी तक 60 नर्सिंगहोम में छह डेंगू पॉजिटिव मरीज भर्ती हुए हैं। डॉ. अनूप अग्रवाल ने दावा किया कि एनएचओए से 226 से अधिक नर्सिंग होम पंजीकृत हैं।
विज्ञापन


पंजीकरण के नियम और मानक सख्त होने से के कारण होम एसोसिएशन से पंजीकृत नहीं हैं। इनकी संख्या 300 से 400 हो सकती है। इनके आंकड़े एसोसिएशन को नहीं मिल पाए हैं।
विज्ञापन

कॉम्बिफ्लेम और डिस्प्रिन न खाएं

सीनियर फिजीशियन डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बुखार में पैरासिटामॉल के अलावा अन्य कोई दवा स्वयं खरीद कर नहीं खानी चाहिए। सूमो, कॉम्बिफ्लेम, डिस्प्रिन और एस्प्रिन जैसी दवाओं में पैरासिटामॉल के साथ निमोस्लाइड भी होता है।

जो प्लेटलेट्स काउंट को घटा देता है। इसीलिए जब स्वयं का इलाज कर मरीज डॉक्टर के पास पहुंचता है तो उसकी स्थिति खराब हो चुकी होती है।

डॉ. रमा श्रीवास्तव ने बताया कि एलएनएचओ के ब्लड बैंक से मरीजों को सुरक्षित रक्त दिया जाता है। बीते दिनों एफएसडीएस ने ब्लड बैंक का निरीक्षण किया था। इसमें सिर्फ मरीजों का भार लेने वाली मशीन सही नहीं मिली थी।

बाकी सभी मानक स्टैंडर्ड ऑपरेटिव प्रोटोकाल के अनुसार थे। उन्होंने बताया कि जनवरी से सितंबर तक ब्लड बैंक से अब तक 10342 यूनिट पीआरबीसी, प्लेटलेट्स, प्लाज्मा की आपूर्ति की जाती है। इनमें 416 यूनिट प्लेटलेट्स बिना डोनेशन के मरीजों को दी गई हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें