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यूपी: दिव्यांगों को पेंशन से लेकर विधायकों को मिलने वाली सहूलियतों में बदलाव

Wed, 24 May 2017 01:41 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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यूपी सरकार की आठवीं कैबिनेट बैठक मंगलवार को सम्पन्न हो गई, जिसमें कई फैसले किए गए। पूर्व विधायकों को मिलने वाली सुविधाओं में बदलाव करने के साथ ही दिव्यांगों की पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी गई है।
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दिव्यांगों की पेंशन 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है। कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। सरकार के इस फैसले से करीब 8.83 लाख दिव्यांगों को फायदा होगा।

लोकभवन में हुई बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि पेंशन में बढ़ोत्तरी का यह फैसला एक अप्रैल 2017 से लागू माना जाएगा। बता दें कि प्रदेश में मौजूदा समय में 8 लाख 83 हजार 157 दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ पा रहे हैं।
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मुख्यमंत्री के सामने विभागीय प्रस्तुतीकरण के दौरान उनकी पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था। दिव्यांग भी लंबे समय से पेंशन में वृद्धि की मांग कर रहे थे। हाल ही में विकलांग जन विकास विभाग की ओर से दिव्यांगों की पेंशन में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया।

इतना ही नहीं ऐसे दिव्यांगजन जिन्हें केंद्र की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत लाभ मिल रहा है, उनकी पेंशन की राशि भी 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। इस बढ़ी राशि को राज्य सरकार वहन करेगी।

ये भी लिया गया फैसला

- फोटो : amar ujala
इसके अलावा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में प्रति माह पेंशन की राशि 500 रुपये करने का केंद्र को अनुरोध भेजने का भी फैसला किया गया। यहां बता दें कि पिछले 10 वर्षों से दिव्यांग भरण पोषण योजना में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है।

वित्त वर्ष 2016-17 में इस योजना में दिव्यांगजनों को 321.53 करोड़ रुपये की राशि बांटी गई थी। दिव्यांग भरण पोषण योजना की इस अनुदान राशि बढ़ाए जाने से राज्य सरकार पर करीब 212 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भार पड़ेगा।

गाजियाबाद में 50 करोड़ की लागत से बनेगा कैलाश मानसरोवर भवन

- फोटो : amar ujala
तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन बनाने का फैसला किया है। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। इसका लाभ चारधाम यात्रा, मानसरोवर, अमरनाथ और सिंधु यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु उठा सकेंगे।

कैलाश मानसरोवर भवन की स्थापना के लिए नगर निगम गाजियाबाद, ग्राम अरथला स्थित 8125 वर्ग मीटर भूमि को धर्मार्थ कार्य विभाग को निशुल्क उपलब्ध कराएगा। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव में किसी भी तरह के जरूरी संशोधन या बदलाव के लिए नगर विकास मंत्री को अधिकृत भी किया।

सरकार के प्रवक्ता के अनुसार 25 मार्च को मुख्यमंत्री जब गोरखपुर में थे, तो वहां कुछ संतों ने उनके सामने तीर्थ यात्रियों को एनसीआर में ठहरने व खाने-पीने की समुचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए तय किया गया है कि गाजियाबाद में बनने वाले कैलाश मानसरोवर भवन में 500 श्रद्धालुओं को ठहरने की व्यवस्था होगी।

इसके लिए नगर निगम, गाजियाबाद और वहां के जिलाधिकारी की ओर से निशुल्क जमीन देने का प्रस्ताव शासन को मिल चुका है। 8125 वर्ग मीटर जमीन में भवन का निर्माण होगा, जबकि 1000 वर्ग मीटर में वाटिका बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। इसके निर्माण पर कुल 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और निर्माण कार्य 24 महीने में पूरा करना होगा।

पूर्व विधायकों को मिलेंगे ट्रेन के साथ-साथ डीजल-पेट्रोल के कूपन

- फोटो : amar ujala
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल के पूर्व सदस्यों की सुविधा संबंधी नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब उन्हें साल में 50 हजार रुपये के ट्रेन के कूपन और इतनी ही राशि के कूपन डीजल और पेट्रोल के लिए मिलेंगे। अभी तक एक लाख रुपये तक के कूपन ट्रेन के लिए ही मिलते थे।

इस मामले में पूर्व सदस्यों द्वारा अपना दावा 1 जून से 31 अगस्त के बीच प्रस्तुत किए जाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल : सदस्यों की उपलब्धियां एवं पेंशन नियमावली-1981’ में एक नया नियम 19-ग जोड़ा गया है। इस संशोधन का फायदा करीब 2500 पूर्व विधायकों को मिलेगा।
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वाराणसी के जजेज गेस्ट हाउस की हालत सुधारने पर खर्च होंगे 3.36 करोड़ रुपये

- फोटो : amar ujala
कैबिनेट के वाराणसी के जजेज गेस्ट हाउस (विशेश्वर विश्राम गृह) की दशा सुधारने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कुछ समय पहले हाईकोर्ट, इलाहाबाद के जजों की ओर से ऐसा आग्रह किया गया है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि जजेज गेस्ट हाउस को अपग्रेड किया जाएगा। इसमें विशेष तौर पर सीढ़ियों, फर्श और दीवारों की हालत सुधारी जाएगी।

स्टेयर केस में ग्रेनाइट फ्लोरिंग, स्टोन जाली और स्टोन टाइल्स के इस्तेमाल के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया गया है। इस पर कुल 3.37 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए जल निगम से जुड़ी संस्था सीएंडडीएस को कार्यदायी संस्था के तौर पर चुना गया है।
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