प्रदेश में महुआ के फूल व बीज, लाख, आंवला के फलों और चिरौंजी के उपभोग और विपणन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में महुआ के फूल व बीज, लाख, आंवला के फलों एवं चिरौंजी को उत्तर प्रदेश इमारती लकड़ी और अन्य वन उपज का अभिवहन नियमावली 1978 से मुक्त करने के संबंध में अधिसूचना जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
सरकारी प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वनों में निवास करने वाले अनुसूचित जनजाति तथा अन्य परंपरागत वन निवासियों, लघु एवं सीमांत किसानों की आय में वृद्धि तथा इन वन उपजों के सतत विदोहन एवं विपणन से उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए महुआ के फूल तथा बीज, लाख, आंवला का फलों एवं चिरौंजी को उत्तर प्रदेश इमारती लकड़ी और अन्य वन उपज का अभिवहन नियमावली 1978 के प्रावधानों से मुक्त किए जाने का निर्णय किया गया है।
महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया में अत्याधुनिक सुविधा वाला नया भवन बनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया में 30 बेड के ट्रॉमा सेंटर, 20 बेड के बर्न वॉर्ड एवं 20 बेड के टॉक्सिकोलॉजी वॉर्ड के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। बैठक में निर्माण की प्रायोजना में शामिल आवासीय भवनों में मिनरल फाइबर, केंद्रीय वातानुकूलन सिस्टम, ग्रेनाइट वॉल लाइनिंग, एकास्टिकल फॉल्स सीलिंग एवं मेटल फॉल्स सीलिंग आदि उच्च विशिष्टियों को अनुमोदित कर दिया गया है। निर्देश दिया गया है कि जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करा लिया जाए।
विधानमंडल के शीतकालीन सत्र का सत्रावसान
योगी कैबिनेट ने विधानमंडल के दोनों सदनों के शीतकालीन सत्र के सत्रावसान का प्रस्ताव मंजूर किया है। विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 5-6 दिसंबर को आयोजित किया गया था। इसमें सरकार ने 33 हजार करोड़ से अधिक का अनुपूरक बजट पारित कराया है। साथ ही कुछ विधेयक पारित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना की गाइडलाइन मंजूर
प्रधानमंत्री मत्स्य योजना की तर्ज पर प्रदेश में लागू की गई मुख्यमंत्री मत्स्य योजना की गाइडलाइन को योगी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद के मुताबिक प्रदेश के लगभग 39 लाख मछुआरों व मत्स्य पालकों के विकास के लिए यह योजना कारगर साबित होगी। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा के तलाबों की वार्षिक मत्स्य उत्पादकता मात्र 25.30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इसे सुधार कर 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर प्रति वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। मनरेगा अथवा पट्टाधारक स्वयं तथा अन्य विभागों के माध्यम से सुधारे गए ग्राम सभा व अन्य पट्टे के तालाबों में पहले वर्ष निवेश पर इकाई लागत चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। मत्स्य बीज बैंक की स्थापना योजना पर भी लागत चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
सिद्धार्थनगर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा का पुराना जर्जर भवन ध्वस्त किया जाएगा। इस प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी र्गइ है। पुराने भवन को गिराने के बाद परिसर में ही नया भवन बनाया जाएगा।