मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड प्रबंधन में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को सक्रिय किया जाए। गृह, स्वास्थ्य और नगर विकास विभाग की टीम आपसी समन्वय के साथ कार्य करे। ग्राम प्रधानों, एएनएम, आशा तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों का सहयोग लिया जाए। बीमार व कोविड के लक्षण युक्त लोगों पर नजर रखी जाए। इनकी जांच कराएं।
पुराने पदों में कटौती नहीं करने के निर्देश
मेडिकल कॉलेजों की तैयारी की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में जरूरत के मुताबिक नए पदों का सृजन किया जाए। पुराने पदों में कोई कटौती न की जाए। यह कार्य शीर्ष प्राथमिकता के साथ किया जाए। अच्छी गुणवत्ता के साथ दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध हों, यह राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में जीवन रक्षक दवाओं की कमी न हो। मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन की कार्यपद्धति को बेहतर करने की जरूरत है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिला एक मेडिकल कॉलेज लक्ष्य पूरा होता नजर आ रहा है। प्रदेश के16 जिलो में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं। चार कॉलेजों का एमओयू हो चुका है। छह कॉलेजों के लिए 42 कंपनियां आगे आई हैं। इनकी जांच पड़ताल कर जल्द से जल्द मेडिकल कॉलेजों का निर्माण शुरू कराया जाएगा।
माघ मेले में समन्वय बढ़ाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में माघ मेले के व्यवस्थित आयोजन के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय के साथ कार्य किया जाए। कल्पवासियों, श्रद्धालुओं तथा साधु- संतों को पूर्व में मिलने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। खरीद की समीक्षा रते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हो रही बाजरा की खरीद की प्रगति उत्साहजनक है। अब तक 45000 मीट्रिक टन बाजरा की खरीद हो चुकी है। किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी जनपद में खाद की कमी न हो।