यातायात निदेशालय की सिफारिश पर लोक निर्माण विभाग 100 किमी से अधिक लंबाई वाले अपने सभी राजमार्गों पर ट्रक ले बाई का निर्माण कराएगा। वहीं, 50 किमी से 100 किमी की लंबाई वाले राजमार्गों पर भी इसे बनाने पर विचार किया जा रहा है। दरअसल, यातायात निदेशालय और परिवहन ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मार्गों के कैरिज वे पर रात में अवैध रूप से खड़े वाहनों के कारण रियर एंड कॉलिजन और हेड एंड कॉलिजन (वाहनों के पीछे और आगे से होने वाली टक्कर) की अत्यधिक आशंका रहती है।
बीते दिनों प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर मंथन किया था, जिसमें राजमार्गों पर ट्रक ले बाई बनाने पर सहमति बनी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर स्पीड कैमरा लगाने पर भी सहमति बनी।
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प्रमुख सचिव ने पहले चरण में 100 किमी से अधिक लंबाई वाले राजमार्गों पर स्पीड कैमरा लगाने का निर्देश दिया। ये कैमरे सर्वाधिक दुर्घटना बाहुल्य और ओवर स्पीडिंग वाले क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। बता दें कि लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर टोल प्लाजा नहीं हैं, लिहाजा स्पीड कैमरा लगाने के साथ पेट्रोलिंग वाहन, एंबुलेंस एवं क्रेन का बंदोबस्त करने को भी कहा गया है।
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ये निर्देश भी दिए गए
वर्तमान वित्तीय वर्ष में सभी 1435 ब्लैक स्पॉट्स का सुधारीकरण कार्य पूरा किया जाए
कुल 30596 टी-वाई जंक्शन का सुधार कार्य तेजी से पूरा कराया जाए
सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थानों का मेजर जियोमेट्रिक इंप्रूवमेंट का प्रस्ताव भेजा जाए
सर्वाधिक दुर्घटना वाले 20 जिलों में हादसों में कमी लाने की कार्ययोजना तैयार की जाए
संभावित ब्लैक स्पॉट्स का भी चिह्नांकन किया जाए और सुधारीकरण की कार्यवाही शुरू की जाए।