पिछले दिनों वीसी ने अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्रा को जोन-5 से हटाया गया। विहित प्राधिकारी को मिली शिकायत के मुताबिक, इसका फायदा उठाते हुए क्षेत्रीय अभियंता रविंद्र श्रीवास्तव और सहायक अभियंता एसएम प्रसाद ने सातवीं मंजिल पर भी निर्माण पूरा कर दिया।
एलडीए में यह भी चर्चा है कि घनी आबादी में अवैध निर्माण की गंभीरता को देखते हुए इससे पहले तैनात रहे सभी पांच अवर अभियंता में से किसी ने सातवीं मंजिल पर निर्माण नहीं होने दिया था। विहित प्राधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि घूस लेकर इंजीनियर्स द्वारा अवैध निर्माण कराने की जानकारी मिली है।
इस पर क्षेत्रीय अवर अभियंता रविंद्र श्रीवास्तव और सहायक अभियंता एसएम प्रसाद से जबाव मांगा गया है। प्रभारी अधिशाषी अभियंता नवनीत शर्मा खुद इस पूरे मामले में सात दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं तीन दिन में किसी भी हालत में अवैध निर्माण तोड़कर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।