मुस्लिम पैरोकार हाजी महबूब का कहना है कि भाजपा अपनी छवि बचाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर रही है। भाजपा के लोग राम मंदिर मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। मुसलमानों व देश के साथ गलत हो रहा है। जब सारी जमीन का अधिग्रहण हुआ था तो इस याचिका का क्या मतलब? जिसके पक्ष में कोर्ट निर्णय दे उसी को सारी जमीन वापस दे दी जाए।
वहीं, केंद्र सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का कहना है कि इस तरह के मुद्दे उठाकर केंद्र सरकार प्रमुख मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना चाहती है। जिसे गैरविवादित जमीन बताया जा रहा है उस पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। यहां कोई निर्माण नहीं हो सकता। जब तक फैसला न आए किसी को निर्माण की इजाजत न दी जाए।
शिया धर्म गुरू मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि जब तक पूरे मामले पर फैसला न हो जाए तब तक किसी भी निर्माण की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। केंद्र सरकार ने चुनाव को देखते हुए कोर्ट में याचिका दी है। भाजपा विकास के मुद्दे पर 2019 का चुनाव नहीं लड़ना चाहती है।
इन सबसे अलग शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि जो विवादित जमीन है वह बहुत थोड़ी सी है। ऐसे में गैरविवादित जमीन अगर छोड़ दी जाती है तो यहां जब तक राम मंदिर निर्माण शुरू होगा तब तक विवादित जमीन का भी निर्णय आ जाएगा।