रायबरेली थाना क्षेत्र में गोकना गंगा तट पर सोमवार को पिता को मुखाग्नि देते समय अचानक सदमा लगने से बेटे की मौत हो गई। एक ओर पिता की चिता जल रही थी तो दूसरी ओर पुत्र का शव चिता के पास ही पड़ा हुआ था, जिसे देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
जानकारी होने पर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पूरन शाहपुर निवासी रामप्रसाद (80) कई दिनों से बीमार चल रहे थे। रविवार की सुबह उनकी मौत हो गई। उनके चार बेटे हैं, जिनमें श्यामलाल, देशराज और रामनरेश तो गांव में हैं।
दूसरे नंबर का बेटा राजदेव मुंबई में रहता है। पिता की मौत की सूचना मिलते ही राजदेव मुंबई से ऊंचाहार आया। सोमवार को पिता के शव को उसने कंधा दिया। शव को अंतिम संस्कार के लिए गोकना गंगा तट पर ले जाया गया, जहां पर राजदेव ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।