फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीचर के रिसर्च मॉडल को गलत बताया तो छात्र को पागल बता आयरलैंड में करवाया भर्ती

Mon, 17 Apr 2017 11:40 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
डेमो प‌िक - फोटो : demo pic
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र गोकर्ण शुक्ला को पैरानॉइया (मानसिक उन्माद, विक्षिप्तता) का शिकार बताकर आयरलैंड के अस्पताल में एक महीने तक जबरन भर्ती रखा गया। अपने प्रोफेसर और ट्रिनिटी कॉलेज डब्लिन आयरलैंड के डॉ. स्टेफानो सांवितोस द्वारा बताए गए रिसर्च के विषय को लेकर सवाल खड़े करने पर गोकर्ण के साथ यह सुलूक किया गया। 
विज्ञापन


गोकर्ण वहां से पीएचडी कर रहे हैं। उन्होंने गत 20 मार्च को आईआईटी कानपुर के ही छात्र रहे आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को फोन करके अपनी परेशानी बताई। इस पर ठाकुर ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को मामले की जानकारी दी। तब जाकर गोकर्ण को छुड़ाया जा सका।

अमिताभ ठाकुर ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि गोकर्ण ने उन्हें रविवार को फोन करके सूचना दी कि भारत सरकार और दूतावास के हस्तक्षेप के बाद उन्हें अस्पताल से छोड़ दिया गया है। गोकर्ण ने बताया है कि वे फिजिक्स में टनलिंग मैग्नेटो रजिस्टेंस विषय पर रिसर्च करना चाहते थे। 
विज्ञापन


इसमें जिरकोनियम, ऑक्साइड, कैल्शियम नाइट्राइड, एल्यूमिनियम नाइट्राइड जैसे तत्वों पर होने वाले असर का विश्लेषण किया जाता है, लेकिन उनके गाइड डॉ. स्टेफानो ने उन्हें जिस तरह का मॉडल दिया, वह फर्जी था और यह विज्ञान के क्षेत्र के साथ धोखा होता। उन्होंने इसका विरोध किया तो डॉ. स्टेफानो ने उन्हें पैरानॉइड घोषित कर दिया और अस्पताल में बंधकों की तरह रखवा दिया था।  
विज्ञापन

प्रोफेसर नाराज, साख से खिलवाड़ बताया

अमिताभ ठाकुर - फोटो : amar ujala
इस बीच आयरलैंड से मीडिया रिपोर्ट्स आ रही हैं कि अमिताभ ठाकुर की शिकायत को प्रो. स्टेफानो ने अपनी साख से खिलवाड़ बताया है और माफी मांगने को कहा है। 

वहीं, अमिताभ का कहना है कि  उन्होंने मुसीबत में फंसे भारतीय छात्र की मदद की। वे नहीं जानते कि प्रो. स्टेफानो की शिकायत सही है या गलत, इसकी जांच होनी चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें