मुख्यमंत्री ने कहा कि 29 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में 60 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भूमिपूजन होगा। ये प्रस्ताव फरवरी में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में आए थे। भविष्य में हर तीन महीने पर इस तरह के आयोजन होंगे।
सीएम ने कहा कि यूपी में एमएसएमई सेक्टर के विकास की अपार संभावनाएं हैं। जिला और मंडल स्तर पर उद्योग बंधु की बैठकें हर महीने करने के निर्देश दे दिए गए हैं। राज्यस्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक भी हर तिमाही पर की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक उद्यमी को जीएसटी के तहत अपना रजिस्ट्रेशन कराना चाहिए। अगर वे इसके दायरे में नहीं आते हैं तो रिटर्न फाइल करते समय इसका जिक्र कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से जीएसटी रिटर्न की कार्रवाई शुरू की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रदेश में इस प्रक्रिया के शुरू होने में थोड़ी देर हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्लास्टिक के उत्पादों से न सिर्फ कैंसर जैसी घातक बीमारियां हो रही हैं, बल्कि इससे जलभराव की समस्या भी पैदा हो रही हैं। इसलिए उद्यमी पॉलीथिन बैन करने में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के कारण सीवर और ड्रेनेज चोक हो जाते हैं। हम सफाई कर्मियों को दोष देते हैं, पर यह नहीं देखते कि इसके लिए हम खुद जिम्मेदार हैं।
शोध रिपोर्ट कहती हैं कि प्लास्टिक के बर्तनों में खाद्य पदार्थ के सेवन से कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। हमें प्लास्टिक के विकल्प तलाशने होंगे। स्थायी विकास, साफ व स्वास्थ्यप्रद पर्यावरण के लिए प्लास्टिक पर बैन लगाना जरूरी है।
सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार निवेश के अनुकूल माहौल तैयार कर रही है। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की ओर बढ़ रहे हैं। 14 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास करेंगे।
मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने कहा कि यूपी के एमएसएमई सेक्टर में तैयार उत्पाद पूरी दुनिया में बिकेंगे। इसके लिए जल्द ही सरकार ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म अमेजन से समझौता करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने यूपी को औद्योगिक सुधार के मामले में देश में नंबर एक पर बताया है। मुख्य सचिव ने कहा कि वे प्रत्येक स्तर पर होने वाली उद्योग बंधुओं की बैठक की खुद समीक्षा करते हैं। प्रदेश में उद्योगों के लिए लैंड बैंक बनाया जा रहा है।
सितंबर-अक्तूबर तक डिफेंस कॉरिडोर भी मूर्त रूप लेने लगेगा। बुंदेलखंड में सिंचाई सुविधाओं के विकास में इस्राइल सरकार मदद देगी। इसके लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की।