प्रदेश के तीन जिलों में ग्रीन फील्ड डेयरी प्लांट की स्थापना का काम बजट के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (पीसीडीएफ) के प्रबंध निदेशक ने अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास से बजट जारी कराने का आग्रह किया है।
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2015-16 में 10 ग्रीन फील्ड डेयरी की स्थापना का फैसला हुआ था। इनमें वाराणसी, मेरठ, लखनऊ, गोरखपुर व वाराणसी में इनकी स्थापना अवस्थापना विकास कोष (आईडीएफ)-2014 के अंतर्गत होनी थी। इनमें गोरखपुर व बरेली के डेयरी प्रोजेक्ट पूरे होने की रिपोर्ट दे दी गई है। बाकी तीन जिलों के प्रोजेक्ट बजट के बिना अधूरे पड़े हैं। लखनऊ डेयरी प्लांट के लिए 19.47 करोड़, मेरठ के लिए 66.98 करोड़ व वाराणसी के लिए 52.84 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे।
वाराणसी व मेरठ में 4-4 लाख लीटर तथा लखनऊ में तीन लाख लीटर दैनिक क्षमता के मल्टी प्रोडक्ट डेयरी फूड प्लांट की स्थापना होनी है। सरकार ने आईडीएफ-2014 के अंतर्गत 2016 में इन प्रोजेक्ट के लिए 10-10 करोड़ रुपये जारी किए। विभाग ने इस राशि को खर्च कर उपयोगिता प्रमाणपत्र भी उपलब्ध करा दिया लेकिन, आगे बजट जारी नहीं हुआ। इससे ये प्रोजेक्ट पिछले तीन वर्ष से अटके हुए हैं।
पीसीडीएफ के एमडी भुवनेश कुमार ने अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार-प्रथम को इस संबंध में विस्तृत पत्र लिखा है। उन्होंने बजट के अभाव में डेयरी प्लांट का निर्माण कार्य आगे न बढ़ पाने का हवाला देते हुए आईआईडीसी से तत्काल बजट आवंटित कराने का आग्रह किया है।