फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संवाद: मुख्यमंत्री योगी बोले- सरकार, समाज व निगरानी समितियां मिलकर काम करें तो जीत तय

Thu, 29 Apr 2021 09:23 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम सभी को पूरी मजबूती से जुटना होगा। सरकार, समाज, स्वास्थ्य कर्मी, स्वच्छता कर्मी, स्वैच्छिक संगठन, निगरानी समितियां मिलकर कार्य करेंगे, तो निर्णय हमारे पक्ष में होगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई अब उस स्थिति में पहुंच चुकी है, जिसमें हम सभी को पूरी मजबूती से जुटना होगा। सरकार, समाज, स्वास्थ्य कर्मी, स्वच्छता कर्मी, स्वैच्छिक संगठन, निगरानी समितियां मिलकर कार्य करेंगे, तो निर्णय हमारे पक्ष में होगा। 

विज्ञापन


मुख्यमंत्री निगरानी समितियों की गतिविधियों के संबंध में वर्चुअल माध्यम से आयोजित द्विपक्षीय संवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की निगरानी समितियों के सदस्यों से संवाद स्थापित किया। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 72 हजार से अधिक निगरानी समितियां सराहनीय कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना में उपचार से अधिक बचाव महत्वपूर्ण है। आशा, आंगनबाड़ी, युवक मंगल दल, महिला मंगल दल और सिविल डिफेंस आदि के स्वयंसेवक अच्छा कार्य कर रहे हैं। निगरानी समितियों ने कोरोना की पहली वेव में अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य किया था। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि  सरकार ने लगातार टेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने का कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप आज दो लाख से सवा दो लाख टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता सृजित हुई है। 10 मई  तक आरटीपीसीआर टेस्ट की संख्या को दोगुना करने की तैयारी की जा रही है। आज हमारे पास एल-1 श्रेणी के 1 लाख 16 हजार और एल-2 व एल-3 श्रेणी के 65 हजार बेड उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर उपचार दिलाने में निगरानी समितियों का बड़ा योगदान है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारियों, जिला पंचायतीराज अधिकारियों, नगर आयुक्तों, अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सुनिश्चित करें कि निगरानी समितियों के पास इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और सैनिटाइजर अवश्य हो। 

मुख्यमंत्री  ने कहा कि हर कोविड पॉजिटिव को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार प्रत्येक कोरोना मरीज के लिए ऑक्सीजन, वेंटीलेटर या रेमडेसिविर आवश्यक नहीं है। निगरानी समितियां अपने क्षेत्र में प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की इन्फ्रारेड थर्मामीटर से जांच करें। एंटीजेन टेस्ट या आरटीपीसीआर जांच में विलंब हो, तो ट्रूनेट मशीन से टेस्टिंग कराई जाए। जांच में पॉजिटिव पाए गए व्यक्ति के उपचार की व्यवस्था की जाए। मेडिकल किट उपलब्ध कराने में यदि कोई दिक्कत आए तो निगरानी समितियां मुख्य विकास अधिकारी को अवगत करा सकती है।मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में क्वारंटीन सेंटर विद्यालय, पंचायत भवन या किसी अन्य सार्वजनिक भवन में स्थापित किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि  ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ को माह मई व जून के लिए पुन: प्रारम्भ किए जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न पैकेज का लाभ हर जरूरतमन्द को उपलब्ध कराने के लिए कृतसंकल्पित है। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर, बरेली और मीरजापुर की ग्रामीण निगरानी समितियों और गाजियाबाद, फिरोजाबाद व कुशीनगर के शहरी क्षेत्रों की निगरानी समितियों के सदस्यों के साथ संवाद करते हुए उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। वर्चुअल संवाद कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी शामिल हुए।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें