आप शहर में रहते हों या गांव में, अगर हर महीने बिजली जलाने पर भी बिल नहीं भरते हैं तो अलर्ट हो जाइए। अब समय से (अधिकतम दो माह) बिजली बिल नहीं भरा तो घर से बिलिंग वाला मीटर हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा दिया जाएगा। बिजली जलाने से पहले इसे रिचार्ज कराना पड़ेगा।
हालांकि, स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिजली इस्तेमाल करने पर दो प्रतिशत की छूट मिलेगी, लेकिन इसमें रिचार्ज कराने का झंझट है। मध्यांचल निगम ने सोमवार से इसकी कार्रवाई शुरू भी कर दी, जो गांवों से होकर शहर पहुंचेगी।
सेस दो खंड के बड़ा गांव काकोरी, इब्राहिमपुर और नारायणपुर और सेस चार खंड के काकोरी टाउन फीडर के गांवों में डिफॉल्टरों के घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का सिलसिला शुरू हो चुका है। यहां अधिकतर लोगों ने तीन साल से बिल नहीं भरा है।
मध्यांचल निगम को मुफ्त में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर बोझ तो पड़ रहा है, पर उसे इससे जलने वाली बिजली की कीमत हर महीने पूरी मिलेगी। बिलिंग केंद्र, खंडीय कार्यालय काउंटर, यूपीपीसीएलडॉटओआरजी वेबसाइट से रिचार्ज कराने के बाद ही इस मीटर से बिजली जलाई जा सकेगी।
सबसे ज्यादा लाइन हानियों के फीडर पर कार्रवाई पहले
लेसा सिस गोमती के मुख्य अभियंता मधुकर वर्मा और लेसा ट्रांसगोमती के मुख्य अभियंता प्रदीप कक्कड़ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा लाइन हानि वाले सिस दो के बड़ागांव फीडर के उपभोक्ताओं के यहां पहले स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में हुसैनगंज, अमीनाबाद रेजीडेंसी, डालीगंज, विश्वविद्यालय के इलाके निशाने पर हैं।
स्मार्ट मीटर हो जाएंगे प्रीपेड
पावर कार्पोरेशन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कुछ समय बाद राजधानी के लगभग पौने चार लाख स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड में बदला जाएगा। इसके बाद बिजली जलाने से पहले मीटर रिचार्ज करना पड़ेगा।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के काफी बिजली उपभोक्ता हर माह बिल नहीं भरते हैं। इससे विभाग को खरीदी बिजली की कीमत भी नहीं मिल पा रही। ऐसे लोगों के घर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जाएगा। इसके बाद उपभोक्ता पहले रिचार्ज करके ही बिजली जला पाएंगे। - सूर्यपाल गंगवार, प्रबंध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम