यूपी के रामपुर में जुड़वा बहनों की बायोमीट्रिक समान होना कोई कमाल नहीं है। गलती का परिणाम था। खिजरा के आधार पर गलती से तूबा का बायोमीट्रिक अपडेट हुआ था। सिस्टम ने डुप्लीकेट मानते हुए आधार कार्ड को निरस्त कर दिया था।
रामपुर में जुड़वा बहनों खिजरा और तूबा के आधार कार्ड का बायोमीट्रिक समान होना न तो कोई कमाल था और न ही असाधारण बात। यह एक मानवीय गलती का परिणाम था। इसलिए आधार कार्ड नहीं बन पा रहा था।
विज्ञापन
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की जांच में स्पष्ट हुआ कि दोनों का बायोमीट्रिक अलग-अलग है। दोनों बहनों का आधार चार साल तीन माह की उम्र में बना था।
पांच वर्ष से कम उम्र होने के कारण उस समय उनका बायोमीट्रिक दर्ज नहीं किया गया था। पांच वर्ष की उम्र पूरी होने पर दोनों बायोमीट्रिक अपडेट कराने पहुंचीं। इसी दौरान अनजाने में खिजरा के आधार रिकॉर्ड पर तूबा का बायोमीट्रिक अपडेट हो गया।
प्रक्रिया में खिजरा के आधार से संबंधित डाटा पहले सामने आया और उसमें तूबा का बायोमीट्रिक दर्ज हो गया। इसके बाद तूबा के आधार से संबंधित बायोमीट्रिक अपडेट सिस्टम ने स्वीकार नहीं किया।
तूबा के फिंगरप्रिंट और रेटिना पहले से यूआईडीएआई के रिकॉर्ड में मौजूद थे। इसलिए सिस्टम ने इसे डुप्लीकेट मानते हुए तूबा का आधार निरस्त कर दिया। यानी आधार निरस्त होने की वजह दोनों बहनों का बायोमीट्रिक समान होना नहीं था।
तकनीकी जांच में पकड़ी गई गलती, फिर बने आधार
मामला सामने आने पर लखनऊ स्थित यूआईडीएआई के क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। तकनीकी जांच में प्रक्रिया के दौरान हुई गलती सामने आई।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत उस आधार रिकॉर्ड को भी रद्द किया गया, जिसमें गलत तरीके से दूसरे व्यक्ति का बायोमीट्रिक दर्ज हो गया था। इसके बाद दोनों बहनों के पिता को जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नए सिरे से आधार नामांकन कराने को कहा गया। नए नामांकन के बाद दोनों के आधार जारी कर दिए गए।
बता दें कि 21 सितंबर को रामपुर के डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने दोनों बहनों को आधार कार्ड सौंपे थे। उस समय बताया गया था कि बायोमीट्रिक समान होने के कारण उनके आधार नहीं बन पा रहे थे। तीन महीने से उनके पिता परेशान थे। इस दावे के बाद दो व्यक्तियों के बायोमीट्रिक समान होने को लेकर सवाल उठे।
जुड़वा या समान दिखने वाले व्यक्तियों के बायोमीट्रिक एक समान होना इस मामले का कारण नहीं था। यह स्थिति बायोमीट्रिक अपडेट के दौरान हुई प्रक्रियात्मक समस्या के कारण बनी थी, जिसका अब समाधान कर दिया गया है। हर व्यक्ति का बायोमीट्रिक अलग-अलग होता है।-प्रशांत कुमार सिंह, उपमहानिदेशक, यूआईडीएआई