आईएएस दुर्गा शक्ति नागपाल ने अपने निलंबन के खिलाफ तेज होती मुहिम के बीच शनिवार को प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी के सामने सफाई पेश की है।
नागपाल ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर बताया है कि पूरे मामले में उनकी कोई गलती नहीं और उन्होंने वही किया जो उनके सीनियर्स ने उनसे कहा।
सूत्रों के मुताबिक नागपाल ने अपनी सफाई में तीन बातों पर खास जोर दिया है। उन्होंने अपनी सफाई में लिखा है कि गौतमबुद्ध नगर के डीएम के रविकांत के निर्देश पर वह कादलपुरा गईं।
नागपाल ने साफ किया है कि मैंने विवादित स्थल पर किसी तरह के डिमोलिशन का आदेश नहीं दिया। मुझसे बातचीत के बाद विवादित दीवार को गांव वालों ने खुद ही गिरा दिया।
नागपाल ने यह भी कहा कि उनके गांव से लौटने तक वहां किसी तरह का तनाव नहीं था।
नागपाल ने मुख्य सचिव को पेश की गई सफाई में यह भी कहा है कि हमने सरकारी जमीन पर किसी तरह के गैरकानूनी निर्माण को रोकने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए काम किया।