कोई भी पैसेंजर एयरपोर्ट में आए तो उसे यहां सुखद अहसास हो। यात्रियों को एक सुरक्षित मॉल में घूमने जैसा अनुभव हो। हम लोगों को एक बेहतरीन जगह देना चाहते हैं।
नए टर्मिनल पर दस दिन के अंदर पैक्ड कबाब के साथ एग्जीक्यूटिव लाउंज की सुविधा उपलब्ध होगी। कबाब लखनऊ की पहचान हैं।
कई ऐसे यात्री होते हैं जो इस पहचान को बतौर याद साथ ले जाना चाहते हैं। इसी तरह सिक्योरिटी हेल्ड एरिया में लखनवी चिकन की कारीगरी वाला सामान भी मिलेगा।
इसके साथ ही एक्जीक्यूटिव लाउंज में रुकने वाले यात्रियों को वाई-फाई की सुविधा भी मिलेगी।
28 जून 2012 को जब मैंने चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निदेशक का पद संभाला था तो यहां अंतरराष्ट्रीय व घरेलू उड़ान एक ही जगह से संचालित हो रही थीं।
मैंने इन्हें अलग-अलग टर्मिनल से संचालित करने का निर्णय लिया। दस मीटर के दायरे में दो बार होने वाली चेकिंग को एक बार का कर दिया।
इससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिली। हॉच-पॉच का माहौल खत्म हुआ और घरेलू यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ।
अब इस एयरपोर्ट से रोजाना करीब चार हजार घरेलू और एक हजार इंटरनेशनल यात्री आते जाते हैं। स्पाइस जेट ने भी यहां से अपनी उड़ाने शुरू कर दी हैं।
सिंगापुर एयरलाइंस, ट्रैवल्स ब्यूरो और दूसरी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी यहां आने का विचार बना रही हैं। एक माह पहले सिंगापुर की टीम ने यहां का सर्वे किया था।
दायरा बढ़ाने पर राज्य सरकार से चल रही बात एयरपोर्ट का दायरा बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के साथ बात चल रही है। इसमें रनवे का विस्तार करने के साथ दूसरी योजनाएं हैं।
इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है। यह देखा जा रहा है कि पब्लिक को परेशान किए बगैर कितनी जमीन के अधिग्रहण से काम चल जाएगा।
दो नए एयरोब्रिज बनाने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा कानपुर रोड से एयरपोर्ट टर्मिनल तक छह लेन की रोड बनाई जाएगी।