सपा सु्प्रीमो को विवादित चिट्ठी लिखने के चलते निकाले जाने वाले उदयवीर सिंह का कहना है, मुझे चिट्ठी लिखने का कोई अफसोस नहीं बस इस बात से दुखी हूं कि नेताजी तक सही संदेश नहीं पहुंच पाया।
उन्होंने कहा कि उन्हें कार्रवाई पर भी कोई अफसोस नहीं है। कहा, ऐसा कई बार हुआ है जब लोग पार्टी से निकाले जाते हैं और मीडिया को बुलाकर उनकी वापसी भी हो जाती है।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ। उन्होंने ये भी कहा कि मुझे इस बात का दुख है कि गाली देने वाले पार्टी में हैं जबकि चिट्ठी लिखने वाले को बाहर कर दिया गया।
उदयवीर ने कहा, मैं मुख्यमंत्री के साथ था और रहूंगा। मैं समाजवादी विचारधारा का हूं और उस पर भी कायम रहूंगा।