लखनऊ के डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय को कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सबिलिटी (सीएसआर) फंड से हाइड्रोलिक बस व बैटरी चालित गोल्फकार्ट मिली है।
इससे दिव्यांग विद्यार्थियों का आवागमन सुगम बनेगा। विवि प्रशासन विद्यार्थियों को जल्द ही मोटर चालित व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध कराएगा।
विश्वविद्यालय को हुडको ने सीएसआर फंड से 52 सीटेड हाइड्रोलिक बसें और अत्याधुनिक संसाधनों से युक्त एंबुलेंस दी हैं। हाइड्रोलिक बस का प्रयोग विद्यार्थियों को मेन कैंपस से छात्रावास तक लाने-ले जाने में होगा।
साथ ही किसी शैक्षिक टूर, गोष्ठी या कार्यक्रमों में भी आने-जाने में इसका प्रयोग होगा। इस बस की खासियत है कि यह एक बटन से सड़क के बराबर तक आ जाएगी।
व्हीलचेयर के साथ करेंगे इसमें प्रवेश
हाइड्रोलिक बस
- फोटो : अमर उजाला
दिव्यांग विद्यार्थी अपनी व्हीलचेयर के साथ इसमें प्रवेश करेंगे। व्हीलचेयर को फोल्ड करके रख लेंगे और अंदर बनी सीटों पर बैठ जाएंगे।
इस तरह की सुविधा न होने के कारण ज्यादातर दिव्यांग विद्यार्थियों को परिसर से बाहर आने-जाने में काफी दिक्कत उठानी पड़ती है। इस समय परिसर में एक सामान्य बस का प्रयोग दिव्यांग विद्यार्थियों को छात्रावास से मुख्य परिसर लाने-ले जाने में होता है।
जबकि एक अन्य बस चारबाग से विद्यार्थियों को लेकर सुबह यूनिवर्सिटी लाती और शाम को छोड़ने जाती है। हुडको की ही सहायता से विवि को 3 बैटरी चालित गोल्फकार्ट भी मिलने वाली है। इसका प्रयोग दिव्यांग विद्यार्थियों-कर्मचारियों को हॉस्टल से क्लासरूम व एक फैकल्टी से दूसरी तक आने-जाने में करेंगे।
गोल्फकार्ट का फायदा कर्मचारियों को भी
गोल्फकार्ट
- फोटो : अमर उजाला
रजिस्ट्रार अखिलेंद्र कुमार ने कहा कि बस और गोल्फकार्ट का फायदा दिव्यांग विद्यार्थी व कर्मचारियों दोनों को मिलेगा। इन सुविधाओं से विद्यार्थी नियमित कक्षाएं करेंगे और अपनी पढ़ाई बेहतर तरीके से पूरी कर पाएंगे।
गोल्फ कार्ट का प्रयोग बाहर से परिसर स्थित लिंब सेंटर में आने वाले लोगों को पहुंचाने में भी किया जाएगा। जल्द ही दिव्यांगों को इलेक्ट्रानिक व्हील चेयर भी देने की तैयारी है।