लखनऊ। सरोजनीनगर इलाके में रहने वाली महिला से ओडिशा निवासी हैदर अली ने आर्मी का कैप्टन हार्तिक बैगलो बनकर दोस्ती की। फिर शादी का झांसा देकर यौन शोषण किया और जेवर हड़प लिए। सरोजनीनगर पुलिस ने सोमवार रात आरोपी हैदर अली को गिरफ्तार किया है। उसके पास से सेना की वर्दी, कैप, फर्जी आधार कार्ड, एक असली आधार कार्ड और आर्मी कैंटीन का फर्जी फोटो कॉपी कार्ड मिला।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि महिला की शादी काकोरी के युवक से हुई थी। पति शराब पीकर मारपीट करता था। कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। पीड़िता का कहना है कि इस बीच उनकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर हार्तिक बैगलो नामक युवक से हुई और बात शादी तक आ गई। उसने खुद को सेना में तैनात कैप्टन बताया। आरोपी सेना की वर्दी पहनकर अक्सर उनके घर आता था। इसलिए वह झांसे में आ गईं।
शादी का झांसा देकर उनसे साढ़े चार लाख के जेवर लेकर हड़प लिए और यौन शोषण किया। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी का असली नाम हैदर अली बैग है और वह सिक्योरिटी गार्ड है।
आरोपी के पिता सेना में सप्लाई करते थे मीट
डीसीपी साउथ ने बताया कि आरोपी के पिता सुलतान सेना में मीट सप्लाई का काम करते थे। आरोपी हैदर अली हैदराबाद और बंगलूरू में प्राइवेट गार्ड का काम करता था। उसने इंस्टाग्राम पर सैन्य अधिकारी हार्तिक बैगलो नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। शादी का झांसा देकर कई युवतियों का शोषण कर पैसे-जेवर ऐंठ चुका है।
इन धाराओं में हुआ मुकदमा, जानिए क्या जुर्माना और कितनी है सजा
- बीएनएस की धारा 319(2) : अगर कोई व्यक्ति किसी और का रूप धारण करके धोखाधड़ी करता है तो उसे अधिकतम पांच साल तक की जेल हो सकती है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
धारा 318 (4) : अगर कोई व्यक्ति धोखा देकर किसी दूसरे व्यक्ति को इस तरह से बहकाता है। जिससे वह अपनी संपत्ति, पैसे, या कीमती कागजात (जैसे कि किसी जायदाद के दस्तावेज, बैंक चेक आदि) किसी को सौंप देता है। दो वर्ष तक के कारावास व जुर्माने से दंडित किया सकता है।
धारा 316(2) : अगर कोई व्यक्ति आपराधिक विश्वासघात के अपराध में दोषी पाया जाता है तो उसे पांच साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
धारा 168 : अगर कोई व्यक्ति सैनिक, नाविक या वायुसैनिक नहीं है, लेकिन उनका कपड़ा या टोकन पहनता है या रखता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आता है। इसमें तीन महीने तक की जेल या दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
धारा 338- यह धारा मूल्यवान दस्तावेजों की जालसाजी से जुड़े अपराधों में जोड़ी जाती है। इसमें उम्रकैद या अधिकतम 10 साल की जेल हो सकती है। जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
धारा 336(3)- यह धारा जालसाजी से जुड़ी है। इसमें सात साल तक की जेल हो सकती है।
धारा 69- शादी का झूठा वादा करके यौन शोषण। 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।