ताबड़तोड़ वारदातों पर लगाम के लिए आईजी जोन ने अपराधियों की धरपकड़ के साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्ती की है। लखनऊ जोन के 74 दिन के कार्यकाल में 99 पुलिसकर्मियों को निलंबन के साथ दो कप्तानों से जवाबतलब किया गया है।
दो इंस्पेक्टरों के निलंबन से हर्ष फायरिंग को लेकर पुलिस सक्रिय हुई है।
आईजी जोन ए सतीश गणेश ने बताया कि लुटेरे, चेन-पर्स स्नैचर, वाहन चोरों व अन्य सक्रिय अपराधियों का छह साल का ब्यौरा जुटाकर लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर खीरी, उन्नाव, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, रायबरेली व अमेठी में सत्यापन अभियान चलाया गया।
अब 11 जिलों के सभी थानेदारों को पता है कि उनके इलाके के रहने वाले अपराधी का किस थाने में आपराधिक इतिहास है। कितने अपराधी जेल में हैं और कितने जमानत के बाद घर पर रहकर सामान्य जीवन बिता रहे हैं। अब भूमिगत अपराधियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार
हर्ष फायरिंग पर सक्रिय हुई पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
केस दर्ज करने में टालमटोल, पीड़ितों को थाने से टरकाने व अन्य लापरवाही पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई से व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
आईजी ने बताया कि लखनऊ जोन के 74 दिन के कार्यकाल में लापरवाही व अन्य शिकायतों के चलते चार इंस्पेक्टर, 27 सबइंस्पेक्टर, 18 हेडकांस्टेबल, 46 कांस्टेबल के निलंबन के आदेश दिए।
इनके अलावा तीन क्लर्क व एक पीटीआई को भी निलंबित किया। हर्ष फायरिंग में सीतापुर के शहर कोतवाल दीपक शुक्ला और उन्नाव में इंस्पेक्टर सुरेश चंद्र ओमहरे के निलंबन के साथ जोन के सभी थानेदारों को हिदायत दी। पुलिस के सक्रिय होने से हर्ष फायरिंग पर अंकुश लगा है।