कार्यक्रम में बोलते विधायक राजेश्वर सिंह।
लखनऊ। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय पर्यावरणीय सेवा सम्मेलन एवं पर्यावरण मस्केटियर्स अवॉर्ड्स 2025 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की हरित नेतृत्व क्षमता के लिए हरित नवाचार, ईएसजी सुधार, कौशल विकास और अंतरपीढ़ीय जलवायु न्याय मौजूदा वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की शीर्ष संस्था सेवाएं निर्यात संवर्धन परिषद (एसईपीसी) की ओर से एक पांच सितारा होटल में आयोजित कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे राजेश्वर सिंह ने कहा कि औद्योगिकीकरण के बाद से पृथ्वी का तापमान पहले ही 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है। यदि यह 0.5 डिग्री और बढ़ा तो अनेक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान की पहुंच सकता है। आठ मिलियन में से एक मिलियन से अधिक प्रजातियां खतरे में हैं और 2050 तक समुद्रों में मछलियों से अधिक प्लास्टिक होने की आशंका है। उन्होंने नए उपायों को अपनाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों व संस्थाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान मनीष डबकारा प्रमुख पर्यावरणीय सेवाएं एसईपीसी, अभय कुमार सिन्हा महानिदेशक एसईपीसी, रविंदर कौर, वरिष्ठ निदेशक आदि मौजूद रहे।