सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय रात में गेस्टहाउस में ही थे या कहीं और? रॉय पर पुलिस की मेहरबानी के बाद राजधानी में ऐसी चर्चाओं का बाजार भी गरम है।
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आम चर्चा है कि सुब्रत रॉय देर रात सहारा शहर चले गए और सुबह गेस्टहाउस वापस आए।
कुकरैल स्थित गेस्टहाउस और सहारा शहर के बीच लगातार दौड़ती काले शीशों की लग्जरी कारें इन चर्चाओं को और बल दे रही हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि सहारा प्रमुख गेस्टहाउस में ही हैं।
कमरे में परिवार के साथ रहे बे'सहारा'
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गोमतीनगर पुलिस ने रॉय को पकड़कर शुक्रवार शाम सीजेएम आनंद कुमार की कोर्ट में पेश किया था।
सीजेएम कोर्ट से उनको गोमतीनगर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया गया। पुलिस ने रॉय को कुकरैल स्थित वन विभाग के गेस्टहाउस में रखा है।
शुक्रवार रात करीब दस बजे तक पुलिस के आला अफसर गेस्टहाउस में रॉय के संपर्क में रहे। बताते हैं कि इसके बाद रॉय अपने कमरे में चले गए जहां सिर्फ उनके परिवार के सदस्य ही थे।
बीच-बीच में उनके बेहद खास और करीबी लोग कमरे के भीतर आते-जाते रहे। सूत्र बताते हैं कि सहारा शहर से उनका डिनर मंगाया गया लेकिन रॉय ने खाने से इन्कार कर दिया। परिवारवालों के समझाने पर उन्होंने थोड़ा बहुत खाना खाया।
मच्छरों ने किया परेशान, मौजूद रहे डॉक्टर्स
उनके कमरे में रातभर लोगों की आवाजाही रही। सूत्रों के मुताबिक सहारा प्रमुख पुलिस कस्टडी के कारण काफी तनाव में थे।
बेचैनी का आलम यह था कि आधी से ज्यादा रात उन्होंने कमरे में टहलकर गुजारी। तनाव और बेचैनी के आलम में मच्छरों ने भी सहारा समूह के लोगों को खूब परेशान किया।
हालांकि, मच्छर भगाने के लिए रिपेलेंट की व्यवस्था थी लेकिन जंगली इलाके में यह कारगर साबित नहीं हुई। तड़के कुछ देर के लिए ही उन्हें नींद आई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक रॉय के परिवारवालों के साथ डॉक्टरों की एक टीम भी गेस्टहाउस में मौजूद रही।
चर्चा यह भी, सहारा शहर चले गए साहब...
चर्चा यह भी है कि सहारा प्रमुख रात को ही गेस्टहाउस से काले शीशों वाली कार में बैठकर सहारा शहर स्थित अपने घर चले गए थे। शनिवार सुबह वह फिर गेस्टहाउस लौट आए।
सूत्रों का कहना है कि इसी कारण मीडिया और आम जनता को कुकरैल पिकनिक स्पॉट में एंट्री नहीं दी जा रही है जिससे पुलिस का खेल ढका-छिपा रहे।
सहारा प्रमुख गेस्टहाउस में ही हैं, यह दिखाने के लिए गेस्टहाउस में लगातार सहारा समूह और पुलिस अफसरों की आवाजाही बनी हुई है।
हालांकि, पुलिस अफसर इस बात से इन्कार कर रहे हैं। गोमतीनगर सीओ विद्या सागर मिश्रा का कहना है कि सहारा प्रमुख रात में गेस्टहाउस में ही सोए थे।
रातों-रात चमकने-महकने लगा रॉय का कमरा
कुकरैल स्थित वन विभाग के वीवीआईपी सुइट में रखे गए रॉय के लिए रातों-रात व्यवस्थाएं की गईं। शुक्रवार देर शाम उन्हें कोर्ट से गेस्टहाउस ले जाने की जानकारी मिलते ही सहारा समूह की एक टीम कुकरैल भेज दी गई थी।
टीम को निर्देश दिए गए थे कि रॉय को सहारा शहर में होने का ही अहसास होना चाहिए। इस टीम ने गेस्टहाउस के वीवीआईपी सुइट में रॉय के ठहरने के लिए सुख-सुविधा के सारे इंतजाम किए। फ्लोर पर कॉरपेट बिछा दी गई।
पलंग की मैट्रेस, बेडशीट और तकिये हटाकर सहारा शहर से नये मंगाए गए। कुर्सियां बदल दी गईं। कमरे को रॉय की पसंद के रूम फ्रेशनर से सराबोर कर दिया गया।
खिड़कियों में एसी फिट किए गए और बाथरूम में साफ-सफाई कराई गई। मच्छरों से निपटने के लिए रिपेलेंट भी लगाए गए।
कुकरैल के गेस्ट हाउस में भी सहारा प्रमुख के टाइम टेबुल एक मिनट भी इधर से उधर नहीं हुआ। सहारा शहर में उनका खानसामा ठीक आठ बजे सफेद रंग की एक लग्जरी कार से रॉय का ब्रेक फास्ट लेकर आया।
इसी कार के साथ चल रही एक अन्य कार में सहारा प्रमुख की बहन कुमकुम रॉय चौधरी भी थी। 11 बजते ही सुब्रत रॉय का लंच भी गेस्ट हाउस आ गया।
करीब 11:30 बजे सहारा प्रमुख के भाई जेबी राय पहुंचे। दोपहर एक बजते बजते मिलने वालों का तांता लग गया। दिल्ली, मुंबई, पश्चिम बंगाल से कानपुर, वाराणासी, गोरखपुर के लोग एक-एक करके आते रहे।
शाम की चाय भी सहारा शहर से आई। इस दौरान गेस्ट के बाहर मौजूद सहारा समूह के कर्मचारी व पुलिसकर्मियों के लिए भी चाय नाश्ते की व्यवस्था की गई। रात आठ बजे के करीब दोबारा उनका डिनर टेबल पर पहुंच गया था।