लखनऊ। तीन दिन की छुट्टियों और सीमित ओपीडी संचालन के बाद बुधवार को सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्ष और जांच केंद्रों तक कतारें लगी रहीं। सिविल, लोकबंधु और बलरामपुर अस्पताल में फिजिशियन को दिखाने के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ा। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। एसजीपीजीआई, केजीएमयू और लोहिया संस्थान में भी सामान्य दिनों की तुलना में मरीजों का दबाव डेढ़ गुना तक पहुंच गया।
रविवार को साप्ताहिक अवकाश, सोमवार को महानवमी और मंगलवार को विजयदशमी के कारण राजधानी में ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहीं। सिविल, लोकबंधु और बलरामपुर समेत कई अस्पतालों में सोमवार और मंगलवार को ओपीडी दोपहर 12 बजे तक चली। एसजीपीजीआई और लोहिया संस्थान में तीन दिन छुट्टी रही, जबकि केजीएमयू में सोमवार को ओपीडी खुली और मंगलवार को बंद रही।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि सामान्य दिनों में करीब छह हजार मरीज आते हैं, जबकि बुधवार को यह संख्या आठ हजार से अधिक रही। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि मौसम बदलने से सर्दी-जुकाम और बुखार के मरीज बढ़े। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के मुताबिक, मरीजों की भीड़ को देखते हुए सुबह से ही स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया था।
फिजिशियन को दिखाने के लिए करना पड़ा इंतजार
सिविल, लोकबंधु और बलरामपुर अस्पताल में मरीजों की सबसे अधिक भीड़ फिजिशियन के कक्ष के बाहर रही। सर्दी-जुकाम, बुखार और मौसम में बदलाव के कारण होने वाली अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीज इलाज के लिए पहुंचे। बुधवार को एक साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से पंजीकरण से लेकर चिकित्सकों को दिखाने तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। रक्त जांच का सैंपल देने के लिए भी मरीजों की कतारें दिखीं।
अस्पताल में लगी भीड़।
अस्पताल में लगी भीड़।