उत्तर प्रदेश मे दाल कारोबारियों को हर सप्ताह अपने स्टॉक की पोर्टल पर घोषणा करनी होगी। दालों की जमाखोरी और मूल्यों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं।
दालों के दामों में कई बार अचानक से बढ़ोत्तरी हो जाती है। इसके बाद कालाबाजारी का दौर शुरू हो जाता है। जिसके चलते दालों के दाम नियंत्रण में नहीं रह पाते हैं। दालों की जमाखोरी ना हो इसके लिए प्रदेश सरकार एक नई व्यवस्था लेकर आ रही है।
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उत्तर प्रदेश मे दाल कारोबारियों को हर सप्ताह अपने स्टॉक की पोर्टल पर घोषणा करनी होगी। दालों की जमाखोरी और मूल्यों पर नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार ने खाद्य एवं रसद विभाग को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से घोषित संशोधित स्टॉक लिमिट को लागू कराने के लिए दाल के कारोबारियों के यहां लगातार सत्यापन कराया जाए। जो व्यापारी अभी तक पोर्टल पर पंजीकृत नहीं है, उनका तत्काल पंजीकरण कराया जाए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि डीलर, आयातक, मिलर, स्टॉकिस्ट व ट्रेडरों को भारत सरकार के पोर्टल http://fcainfoweb.nic.in/psp पर पंजीकरण कराना है। प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की घोषणा करनी है। अभी तक केंद्र सरकार के पोर्टल पर कुल 1,878 दाल के कारोबारी पंजीकृत हैं। उन्होंने 138442 मीट्रिक टन स्टॉक की घोषणा की है।
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अम्बेडकरनगर व श्रावस्ती समेत इन जिलों में हुए कम पंजीकरण
उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर व अमरोहा में 4-4, कन्नौज में 5, कासगंज में 6, श्रावस्ती में 6, फर्रुखाबाद में 7, इटावा में 7, अमेठी में 9, मैनपुरी में 9 और सुल्तानपुर में 9 पंजीकरण पोर्टल पर हुए हैं। इन जिलों में पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जल्द कराने के निर्देश दिए गए हैं।